Haryana News : हरियाणा के ग्रामीण क्षेत्र में शामलात देह भूमि पर मकान व निर्माण करने वाले लोगों को मुख्यमंत्री नायब सैनी ने बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री द्वारा लिए गए फैसले के बाद इस जमीन पर मालिकाना हक लेना आसान कर दिया। पहले इस जमीन का मालिकाना हक लेने के लिए पंचायत विभाग के निदेशक से स्वीकृति लेनी पड़ती थी और इसके लिए कई बार लोगों को चंडीगढ़ के चक्कर काटने पड़ते थे।
पूरे प्रदेश का पंचायत विभाग के निदेशक के पास भार होने के कारण इसमें देरी हो रही थी, लेकिन मुख्यमंत्री नायब सैनी ने लोगों की समस्या को समझते हुए एक झटके में मालिकाना हक देने के लिए प्रत्येक जिले के डीसी को पॉवर दे दी है। इसमें पंचायत विभाग के निदेशक से अनुमति लेने की अनिवार्यता को खत्म कर दिया है। इससे प्रदेश में 31 मार्च 2004 से पहले शामलात देह भूमि पर काबिज हजारों लोगों को राहत मिली है।
मुख्यमत्री नायब सैनी के आदेशानुसार विधि एवं विधायी विभाग की प्रशासनिक सचिव रितु गर्ग ने हरियाणा ग्राम शामलात भूमि (विनियमन) संशोधन विधेयक 2026 अधिसूचना को जारी कर दिया है।
वर्तमान प्रविधानों के अंतर्गत विकास एवं पंचायत विभाग के निदेशक ग्राम पंचायतों को उसकी शामलात देह में स्थित भूमि, ऐसे आवेदकों, जिन्होंने 31 मार्च 2004 या उससे पहले शामलात भूमि पर अपने घर बनाए थे, को बेचने की स्वीकृति प्रदान करने के लिए अधिकृत है।
एक ही कार्यालय पर इतना संख्या में आवेदन पहुंचने के कारण काफी संख्या में आवेदन स्वीकृति के इंतजार में थे और यह कार्य तेजी से नहीं हो पा रहा था। इसके कारण लोगों को प्लाट का मालिकाना हक लेने में देरी हो रही थी और वह कार्यालयों के चक्कर काटने पर मजबूर थे।
लेकिन अब सीएम नायब सैनी के आदेशानुसार प्रत्येक जिले के डीसी को यह पावर देने के कारण अब काम तेजी से पड़ेगा और प्रत्येक जिले के हिसाब से काम होने के कारण इसमें आवेदन की लंबित नहीं हो पाएंगे।
आपकों बता दे कि मानसून सत्र में हरियाणा ग्राम शामलात भूमि (विनियमन) अधिनियम 1961 को संशोधित करने के लिए हरियाणा ग्राम शामलात भूमि (विनियमन) संशोधन विधेयक 2026 पारित किया गया था। उपायुक्त को अधिकार मिलने से पंचायती जमीन पर मालिकाना हक के लिए तेजी से फैसले लेने में मदद मिलगी और लंबित मामलों की संख्या कम होगी।

