Jind News: जींद जिले में इस बार गेहूं की बिजाई के लिए किसानों को डीएपी खाद की कमी का सामना करना पड़ सकता है। सर्वेके अनुसार जिले में इस बार लगभग 2.16 लाख हेक्टेयर में गेहूं की बिजाई होगी। आगामी रबी सीजन में जिले में खाद की किल्लत न हो, इसके लिए किसानों ने अभी से खाद खरीदना शुरू कर दिया है। करीब 20 दिन में सरसों की बिजाई का कार्य शुरू हो जाएगा, इसको लेकर डीएपी की डिमांड बढ़ने लगी है।
कृषि विभाग ने भेजी जींद जिले की डिमांड
जींद जिले में आगामी सीजन में यूरिया और डीएपी खाद की किल्लत से बचने के लिए कृषि विभाग की ओर से डिमांड भेज दी है। रबी सीजन की फसलों में सीजन में जींद जिले में लगभग 80,504 एमटी यूरिया और 28,504 एमटी डीएपी की जरूरत पड़ेगी। कृषि विभाग के मुताबिक जिले में खाद की डिमांड भेजी जा चुकी है। बिजाई का काम शुरू होने से पहले डीएपी की सप्लाई आ जाएगी।
जिले में 2.16 लाख हेक्टेयर में होगी गेहूं की बिजाई
जींद जिले में करीब 2.16 लाख हेक्टेयर भूमि में गेहूं की बिजाई की जाएगी वहीं करीब 5 हजार हेक्टेयर में सरसों की बिजाई करने का अनुमान है। किसान सुरेश कुमार, गोबिंद रामकली, सुरेंद्र जुलाना, कुलदीप खटकड़ का कहना है कि हर सीजन में खाद की किल्लत होती है। इस बार भी जिले में गेहूं की बिजाई बंपर मात्रा में होने के कारण किसानों को डीएपी और यूरिया की कमी का सामना करना पड़ सकता है।
डीएपी की भारी कमी, ज़िले में 86 प्रतिशत खाद सप्लाई की जरूरत
जींद जिले में रबी फसलों, खासकर सरसों और गेहूं की बुआई के लिए कृषि विभाग ने कुल 28,504 मीट्रिक टन डीएपी खाद की डिमांड तैयार कर सरकार को भेजी है। वर्तमान में जिले के गोदामों और सोसायटियों में कुल जरूरत का महज 14.4 प्रतिशत स्टॉक ही विभाग के पास मौजूद बचा है। ऐसे में यदि बिजाई शुरू होने से पहले नई खेप नहीं पहुंचती है, तो किसानों को खाद केंद्रों पर लंबी लाइन में लगना पड़ सकता है।

