पिछले दिनों हरियाणा में दूध के दाम बढ़ाने को लेकर लगातार अभियान चला, लेकिन यह बेनतीजा रहा। अब फिर से दूध उत्पादकों ने दूध के दाम बढ़ाने और मिलावटी दूध उत्पादों पर रोक लगाने की मांग करते हुए हड़ताल का फैसला लिया है। यह हड़ताल 1 से 3 अक्टूबर तक की जाएगी। हालांकि इससे पहले ही सहकारी क्षेत्र की दूध कंपनी वीटा ने दूध की कीमतों में वृद्धि करने का फैसला लिया है।
दूध की कीमतों में वृद्धि की मांग को लेकर शनिवार यानी 19 सितंबर 2026 को सिरसा में पशुपालकों की बैठक हुई। दूध उत्पादकों ने आरोप लगाया कि हरियाणा में नकली दूध और मिलावटी दूध उत्पादों का बाजार तेजी से पांव पसार रहा है। इससे दूध उत्पादक किसानों को सही भाव नहीं मिल पा रहे हैं। साथ ही लोगों के स्वास्थ्य भी खिलवाड़ हो रही है।
ऐसे में सिरसा स्थित चिल्ला साहिब गुरुद्वारा में शनिवार को जिला भर के दूध उत्पादक किसानों की बैठक हुई। इसमें बैठक में किसान, पशुपालक, मजदूर, डेयरी संचालकों ने भाग लिया और सरकार से मांग की कि उनकी समस्याओं पर गौर किया जाए। इस दौरान फैसला लिया गया कि 1 से 3 अक्टूबर हरियाणा प्रदेश में दूध की आपूर्ति नहीं की जाएगी। साथ ही जो किसान नियम को तोड़ेंगे, उन पर 51 हजार रुपये का जुर्माना किया जाएगा। इतना ही नहीं जो दूध कंपनियां जैसे वीटा और अमूल से भी आह्वान किया गया है कि इन दिनों में वे गांवों से दूध उठान के लिए अपनी गाड़ियां नहीं भेजें।
जरूरतमंद लोगों को बांटा जाएगा दूध
हड़ताल के दौरान दूध की खपत को लेकर भी पशु पालकों ने योजना बनाई है। 1 से 3 अक्टूबर तक यानी हड़ताल के दिनों में दूध गरीब बस्तियों में बांटा जाएगा। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि हड़ताल के दौरान यानी 1 से 3 अक्टूबर तक कोई भी व्यक्ति न तो दूध खरीदे और न ही बेचे। यदि कोई व्यक्ति इस नियम को नहीं मानता है या फिर दूध खरीदते और बेचते पकड़ा जाता है तो उस पर 51 हजार रुपये का जुर्माना किया जाएगा।
हड़ताल को लेकर होगी सख्ती
पशु पालकों और किसानों ने फैसला लिया कि यह नियम सिर्फ दूध बेचने या खरीदने वालों के साथ-साथ दूध की ढुलाई करने वालों पर भी लागू होगा। यदि कोई वाहन दूध की सप्लाई लेने आता है तो उसको भी जब्त किया जाएगा। ऐसे में अक्टूबर महीने के पहले तीन दिन लोगों पर भारी पड़ने वाले हैं।
जींद में डेयरी संचालकों ने बढ़ाया रेट अब 100 रुपये लीटर
वहीं दूसरी ओर जींद में पशु डेयरी संचालकों ने बैठक कर दूध का रेट बढ़ाने का फैसला लिया है। डेयरी एसोसिएशन के प्रधान रमेश ढिल्लों ने कहा कि जींद के दूध उत्पादकों ने हड़ताल का फैसला नहीं लिया है। हालांकि दूध का रेट बढ़ा दिया है। उन्होंने बताया कि लगातार पुश पालन का खर्च बढ़ रहा है। ऐसे में दूध का रेट बढ़ाया गया है। पहले दूध 90 रुपये प्रति लीटर दिया जाता था अब 100 रुपये प्रति लीटर बेचा जाएगा।

