हरियाणा में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल लगातार 34वें दिन भी जारी है। सरकार की कार्रवाई के बीच कर्मचारी संगठनों और सरकार के बीच गतिरोध खत्म होता नजर नहीं आ रहा है। मंगलवार को 30 और कर्मचारियों को बर्खास्त तथा 8 कर्मचारियों को निलंबित किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके साथ ही बताए गए आंकड़ों के अनुसार अब तक 62 कर्मचारी बर्खास्त और 10 निलंबित किए जा चुके हैं।
वहीं कर्मचारी संगठनों का दावा है कि प्रदेश में अब तक करीब 700 कर्मचारियों की बर्खास्तगी के आदेश जारी किए जा चुके हैं, जिनमें एजेंसियों के माध्यम से कार्यरत कर्मचारी भी शामिल हैं। संगठनों के अनुसार 100 से अधिक कर्मचारियों को जेल भी भेजा जा चुका है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सफाई कर्मचारियों की लगभग 12 मांगें स्वीकार की जा चुकी हैं और बाकी मांगों पर भी विचार किया जा रहा है। उन्होंने कर्मचारियों से हड़ताल समाप्त कर ड्यूटी पर लौटने की अपील की है।
नगर पालिका कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष नरेश शास्त्री ने आरोप लगाया है कि सरकार की कार्रवाई, धमकियों और पुलिसिया दबाव के चलते तनाव के कारण कुरुक्षेत्र में रोहित और करनाल में कुलदीप की मौत हुई। संघ ने दोनों परिवारों को ₹1-₹1 करोड़ की आर्थिक सहायता तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग उठाई है।
वहीं सफाई कर्मचारियों ने अपना आंदोलन तेज करते हुए आगे की रणनीति भी तैयार कर ली है। कर्मचारियों के मुताबिक आज शोक सभाओं का आयोजन होगा वहीं 10, 11 और 12 सितंबर को प्रदेश के सभी शहरों में जन न्याय पंचायतें होंगी। इसके बाद 13 सितंबर को कुरुक्षेत्र में राज्यस्तरीय जन न्याय पंचायत का आयोजन होगा।
कर्मचारियों की प्रमुख मांग है कि 13 मई को हुए समझौते को लागू करते हुए स्वीकृत मांगों के लिखित आदेश तत्काल जारी किए जाएं।

