हरियाणा के दो महत्वपूर्ण जिलों गुरुग्राम और नूंह में निजी बिजली वितरण लाइसेंस को लेकर चल रही प्रक्रिया में बड़ा अपडेट सामने आया है। अडानी ग्रुप ने HERC के समक्ष अपनी याचिका वापस ले ली है, जिसके बाद अब निजी बिजली वितरण लाइसेंस की दौड़ में इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड का आवेदन प्रमुख रूप से बचा है।
इलेवन पावर का आवेदन
इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड ने गुरुग्राम और नूंह में बिजली की सप्लाई एवं वितरण के लिए लाइसेंस की मांग की है। इस मामले में हरियाणा विद्युत नियामक आयोग (HERC) में लंबी सुनवाई हो चुकी है और आयोग ने फैसला सुरक्षित रख लिया है।
15 सितंबर तक अंतिम मौका
आयोग ने सभी पक्षों और आपत्तिकर्ताओं को 15 सितंबर तक लिखित दलीलें, सुझाव और टिप्पणियां प्रस्तुत करने का अंतिम अवसर दिया है। इसके बाद आयोग मामले पर अंतिम निर्णय ले सकता है।
एक्सपर्ट कमेटी की रिपोर्ट भी अहम
निजी कंपनी को बिजली वितरण लाइसेंस देने के मामले में HERC ने एक विशेषज्ञ समिति गठित की थी। समिति की रिपोर्ट आयोग को प्राप्त हो चुकी है और संबंधित पक्षों से रिपोर्ट पर टिप्पणियां मांगी गई हैं। इन्हीं टिप्पणियों के आधार पर लाइसेंस देने या आवेदन खारिज करने पर फैसला होगा।
निजीकरण के प्रस्ताव का विरोध
इस प्रस्ताव का दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम, हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम, विभिन्न राजनीतिक दलों तथा कर्मचारी संगठनों और यूनियनों द्वारा विरोध किया गया है। जानकारी के अनुसार करीब 43 आपत्तियां दर्ज की गई हैं। वहीं निर्धारित समय के बाद प्राप्त 534 आपत्तियों को आयोग ने नियमों का हवाला देते हुए रिकॉर्ड पर लेने से इनकार कर दिया।

