हरियाणा पुलिस में वर्ष 2008 में हुई इंस्पेक्टर भर्ती को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने याचिकाएं खारिज करते हुए चयनित उम्मीदवारों को राहत दी है। जस्टिस हरसिमरन सिंह सेठी और जस्टिस मिंदरजीत यादव की खंडपीठ ने एकल पीठ के फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए अमित कुमार और संदीप की अपीलें खारिज कर दीं।
कोर्ट ने माना कि OMR शीट में स्याही के निशान अथवा हस्ताक्षर में अंतर जैसे तकनीकी आधारों पर पूरी चयन प्रक्रिया को रद्द नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने यह भी कहा कि परीक्षा के दौरान घबराहट में हस्ताक्षर का स्वरूप बदल जाना सामान्य बात हो सकती है।
क्या था पूरा मामला ?
हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने 22 जुलाई 2008 को पुलिस इंस्पेक्टर के 20 पदों के लिए भर्ती विज्ञापन जारी किया था। इसके बाद लिखित परीक्षा, शारीरिक परीक्षण और साक्षात्कार की प्रक्रिया पूरी की गई तथा वर्ष 2010 में परिणाम घोषित किया गया। इसके बाद अमित कुमार और संदीप ने भर्ती प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए चयन को चुनौती दी थी। हाई कोर्ट ने अब इन अपीलों को खारिज कर दिया है। फैसले के बाद 2008 बैच के चयनित इंस्पेक्टरों को बड़ी राहत मिली है।

