वॉयस ऑफ पानीपत (हिमांशी चावला ) – पानीपत की फास्ट ट्रैक कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अम्बरदीप सिंह की अदालत ने 8 साल पुराने बहुचर्चित ईको कार लूट, अपरहण के प्रयास और जानलेवा हमले के मामले में फैसला सुनाते हुए छह आरोपियों को दोषी करार दिया है। जिसमें अदालत ने सभी दोषियों को धारा 379-B (छीनझपट/लूट), 365/511 (अपरहण का प्रयास) और 323 (मारपीट) के तहत 10-10 साल के कारावास और 31-31 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। सजा पाने वालों में गुंजन पत्नी रविंद्र निवासी हरिसिंहपुरा, घरौंडा (करनाल), सोनू निवासी धमीजा कॉलोनी, नूरवाला (पानीपत), रवि निवासी बरसात रोड, नूरवाला (पानीपत), प्रवीण निवासी धमीजा कॉलोनी, नूरवाला (पानीपत), काजल निवासी हरिसिंहपुरा, घरौंडा (करनाल) और फूलमती निवासी ज्योति कॉलोनी, बरसात रोड (पानीपत) शामिल हैं।

पानीपत कोर्ट ने 8 साल पुराने मामले में फैसला सुनाया
मामले के अनुसार, 8 मार्च 2018 को मुरथल (सोनीपत) निवासी मोहित के पास एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाली युवती ने अपना नाम काजल बताते हुए पानीपत जाने के लिए ईको कार बुक करवाई। 10 मार्च 2018 की रात करीब 8:30 बजे तय योजना के तहत काजल, गुंजन और फूलमती मोहित की ईको कार में सवार हुईं। जब गाड़ी पानीपत बस अड्डे से आगे सिंह एंड स्विंग होटल के पास पहुंची तो महिलाओं ने अपने साथियों के रास्ते में खड़े होने का बहाना बनाकर चालक से गाड़ी रुकवा ली।
जैसे ही गाड़ी रुकी, वहां पहले से मौजूद सोनू, रवि और प्रवीन मौके पर आ गए। आरोपियों ने बहाने से मोहित को गाड़ी से नीचे उतारा, कार की चाबी निकाल ली और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। मोहित किसी तरह अपनी जान बचाकर होटल के गेट की तरफ भाग निकला। इसी दौरान आरोपी उसकी ईको कार लेकर मौके से फरार हो गए। घटना के बाद थाना सदर पानीपत पुलिस ने मोहित की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी सोनू, काजल उर्फ प्रियंका, गुंजन, फूलमती, प्रवीन और रवि को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनके कब्जे से लूटी हुई ईको कार, वारदात में इस्तेमाल किया गया चाकू और बाइक भी बरामद कर ली है ।
TEAM VOICE OF PANIPAT

