वॉयस ऑफ पानीपत ( आयुषी त्यागी )– नीट पेपर लीक और कई अन्य परीक्षाओं में धांधली के विरोध में छात्रों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर लगातार 36 दिनों तक प्रदर्शन किया। इस दौरान छात्रों ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने, नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच कराने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे सहित कई मांगें उठाईं जो अब पूरी होती दिखाई दे रही है । जहां एक तरफ केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है और दूसरी तरफ नीट पेपर लीक मामले की जांच के लिए सरकार ने हाइ–टेक समिति का गठन किया गया है। इसकी जानकारी खुद प्रधानमंत्री ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो साझा कर दी है।
प्रधानमंत्री मोदी ने वीडियो साझा कर कहा कि विद्यार्थियों के भविष्य के लिए भारत सरकार लगातार कदम उठा रही है । जिन लोगों ने विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया, वे जेलों में सड़ रहे है। हम एक फास्ट ट्रैक फोर्स बना चुके है । संसद में भी कठोर कानूनों के प्रावधान के साथ नया कानून बनाने की दिशा में कम आगे बढ़ रहा है लेकिन हमें भविष्य के लिए सोचना है । हमारी परीक्षा पद्धति विश्वस्त हो , पारदर्शी हो और उसमें सबसे ज्यादा टेक्नोलॉजी का उपयोग हो । इन सारी बातों को ध्यान में रखते हुए विश्वप्रसिद्ध टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट नंदन नीलेकणी के नेतृत्व में एक हाइ पावर्ड टास्क फोर्स बनाने का निर्णय किया है: जो एग्जामिनेशन रिफॉर्म पर फोकस करेगा और जल्द ही होने वाली परीक्षा में विश्वशनीयता को सुनिश्चित करने का काम इस रिपोर्ट के आधार पर कर दिया जाएगा ।
इन दावों के सामने आने के बाद अब सभी की नजरें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं। सरकार के अनुसार किसी भी परीक्षा में पेपर लीक या किसी तरह का घोटाला न हो, इसके लिए परीक्षा प्रणाली को और ज्यादा पारदर्शी और मजबूत बनाने के प्रयास जारी है ।
TEAM VOICE OF PANIPAT

