वॉयस ऑफ पानीपत ( मोनी कुमारी ) – भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में एथलेटिक्स के सातवें दिन शानदार प्रदर्शन करते हुए अपना तीसरा स्वर्ण पदक हासिल किया। सबसे बड़ी सफलता पुरुषों की पैरा एथलेटिक्स 100 मीटर T47 स्पर्धा में मिली, जहां दिलीप महाडू गावित ने 10.71 सेकंड का समय निकालकर स्वर्ण पदक जीता और नया कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। इस रेस में शुरुआत से ही गावित ने बढ़त बनाए रखी और फिनिश लाइन सबसे पहले पार करते हुए भारत को गोल्ड दिलाया। उनके पीछे भारत के ही मोहम्मद बासिल दूसरे स्थान पर रहे और उन्होंने रजत पदक अपने नाम किया। एक ही स्पर्धा में भारतीय खिलाड़ियों का पहले और दूसरे स्थान पर रहना देश के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि रही। यह पहली बार है जब भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स की इस पैरा स्प्रिंट स्पर्धा में गोल्ड और सिल्वर दोनों पदक अपने नाम किए। दोनों खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन ने भारतीय पैरा एथलेटिक्स की बढ़ती ताकत को दुनिया के सामने साबित किया।

वहीं, पुरुषों की लॉन्ग जंप स्पर्धा में भारत के स्टार एथलीट मुरली श्रीशंकर ने भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीता। श्रीशंकर ने अपनी सर्वश्रेष्ठ छलांग 8.09 मीटर लगाई और शुरुआती तीन राउंड तक प्रतियोगिता में शीर्ष स्थान पर बने रहे। हालांकि, चौथे प्रयास में जमैका के ताजे गेले ने 8.15 मीटर की छलांग लगाकर पहला स्थान हासिल कर लिया। इसके बाद भी श्रीशंकर ने वापसी की पूरी कोशिश की, लेकिन वे गेले के रिकॉर्ड को पीछे नहीं छोड़ सके और उन्हें सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। इसके साथ ही उन्होंने लगातार दूसरे कॉमनवेल्थ गेम्स में रजत पदक जीतने की उपलब्धि हासिल की, जो भारतीय एथलेटिक्स के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही है।इन शानदार प्रदर्शनों के बाद भारत की कुल पदक संख्या 15 तक पहुंच गई। एथलेटिक्स, पैरा एथलेटिक्स और अन्य खेलों में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन लगातार बेहतर होता जा रहा है। मुक्केबाजी सहित कई अन्य स्पर्धाओं में भी भारतीय खिलाड़ी पदक की दौड़ में बने हुए हैं, जिससे आने वाले दिनों में भारत की पदक संख्या और बढ़ने की उम्मीद है। भारत के खिलाड़ियों के इस प्रदर्शन ने न केवल देश का गौरव बढ़ाया है, बल्कि यह भी दिखाया है कि भारतीय एथलीट अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हर वर्ग में मजबूती से अपनी पहचान बना रहे हैं।
TEAM VOICE OF PANIPAT

