हरियाणा में दूध और घी की कीमत बढ़ाने को लेकर छिड़ी मुहिम अब कैथल के गुहला- चीका तक पहुंच गई है। हिसार, जींद और कुरूक्षेत्र सहित कई अन्य जिलों में बढ़ोतरी के बाद अब गुहला- चीका में भी पशुपालकों ने पंचायत कर दूध और घी की नई कीमतें निर्धारित कर दी है।
बता दें कि दूध और घी की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर आज पटियाला रोड स्थित किसान भवन सर छोटूराम जनकल्याण ट्रस्ट चीका में डेयरी संचालकों व पशुपालकों की बैठक बुलाई गई थी। चौधरी महा सिंह डेयरी के संचालक हरवंस सीड़ा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में बढ़ती महंगाई और डेयरी कारोबार में बढ़ रही लागत को लेकर विस्तार से चर्चा की गई थी।
इस वजह से बढ़ी कीमतें
इस बैठक के बाद डेयरी संचालकों व पशुपालकों ने सर्वसम्मति से दूध और घी की नई कीमतें निर्धारित करने का फैसला लिया है। हरवंस सीड़ा ने कहा कि पिछले कुछ दिनों के दौरान ही पशुओं का चारा, खल- बिनौला, सरसों तेल, गुड़ इत्यादि चीजों की कीमत में बेतहाशा वृद्धि हुई है। खल का कट्टा पहले 1800-2000 रुपए में मिलता था लेकिन अब इसकी कीमत बढ़कर 3 हजार रुपए तक पहुंच गई है।
वहीं, भैंसों की कीमत में भी अच्छी-खासी बढ़ोतरी हो चुकी है। ऐसे ही बढ़ती लागत के चलते डेयरी संचालकों व पशुपालकों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति पैदा हो गई है। इन तमाम बातों को ध्यान में रखते हुए डेयरी संचालकों ने 1 अक्टूबर से भैंस के दूध का भाव 100 रुपए प्रति लीटर और गाय का दूध 80 रुपए प्रति लीटर निर्धारित करने के फैसले को हरी झंडी दिखा दी है। वहीं, भैंस के घी का भाव 1500 रुपये और गाय के घी का भाव 2200 रुपये प्रति लीटर करने पर भी सहमति बनी है।
गुणवत्ता का रखना होगा विशेष ध्यान
पशुपालकों ने दूध और घी की गुणवत्ता को लेकर भी सामूहिक नियम बनाया है। तय मानकों का उल्लंघन करने अथवा दूध- घी में मिलावट कर बेचने वाले व्यक्ति पर 5100 रुपये जुर्माना लगाया जाएगा।

