हरियाणा की पावन धरा से एक और नया कीर्तिमान स्थापित हुआ है। यहां देश की पहली बार इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन (IVF) तकनीक की मदद से बद्री नस्ल की एक स्वस्थ बछिया का जन्म हुआ है।
आइसीएआर-नेशनल डेयरी रिसर्च इंस्टीट्यूट (NDRI) के विज्ञानियों की इस सफलता को उत्तराखंड की इस स्थानीय नस्ल के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
बद्री नस्ल की गायों की संख्या लगातार घट रही है और यह प्रजाति संरक्षण की जरूरत वाली नस्लों में शामिल है। कृषि मंत्रालय के अनुसार, बछिया का जन्म शुक्रवार को NDRI के अकादमिक डेयरी फार्म में हुआ। साहीवाल गाय ने पंतनगर में 11 सितंबर की सुबह 03:10 बजे बछिया को जन्म दिया। बद्री उत्तराखंड की देसी पशु नस्ल है और राज्य पशु का दर्जा प्राप्त है।
इसके लिए बद्री नस्ल की गाय से लिए गए अंडाणु को प्रयोगशाला में बद्री सांड के वीर्य से फर्टिलाइज कर भ्रूण तैयार किया गया। इसके बाद इस भ्रूण को शाहीवाल नस्ल की गाय में प्रत्यारोपित किया गया, जिसने सरोगेट मां के तौर पर बछिया को जन्म दिया। इस परियोजना में करनाल स्थित आइसीएआर-नेशनल डेयरी रिसर्च इंस्टीट्यूट और पंतनगर स्थित जीबी पंत यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर एंड टेक्नोलाजी ने उत्तराखंड बायोटेक्नोलॉजी काउंसिल की मदद से काम किया गया था।

