हरियाणा के लिए पानी के मोर्चे पर आज का दिन ऐतिहासिक रहा है। सीएम नायब सैनी ने जानकारी देते हुए कहा कि किसाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना को लेकर हरियाणा सहित 6 राज्यों के बीच आज ऐतिहासिक समझौता हुआ है। यह परियोजना पूरी होने पर इससे तथा अन्य माध्यम से हरियाणा को करीब 1280 क्यूसेक पानी मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस पानी से सिंचाई तथा पेयजल योजनाओं को सिरे चढ़ाने की योजना हरियाणा सरकार ने बनानी शुरू कर दी है। नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता तथा जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल की मौजूदगी में हुई बैठक में शामिल होने के बाद हरियाणा भवन में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने इस महत्वपूर्ण जानकारी को साझा किया हैं।
हरियाणा के लिए बड़ी उपलब्धि
सीएम ने कहा कि कई दशकों से यह परियोजना लटकी हुई थी लेकिन अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से आगे बढ़ने जा रही है। किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना पर समझौता हरियाणा के लिए बड़ी उपलब्धि साबित होगा। सालों से लंबित इस परियोजना को संवाद, सहयोग और सहमति के माध्यम से आगे बढ़ाया गया है।
हरियाणा में बढ़ेगी पानी की उपलब्धता
मुख्यमंत्री ने बताया कि यमुना नदी में हरियाणा के पानी का हिस्सा 48% है, इसलिए यमुना में पानी की उपलब्धता बढ़ाने पर हमें फ़ायदा होगा। साथ ही दो परियोजना रेणुका जी और लखवार की परियोजना पहले से ही निर्माणाधीन है, जल्द ही किसाऊ परियोजना पर भी काम शुरू होगा।
इन तीनों परियोजनाओं से कुल 2676 क्युसिक पानी की उपलब्धता बढ़ेगी, जिसमें हरियाणा का हिस्सा 1280 क्युसिक होगा। यह पानी हमारे प्रदेश की वर्तमान जरूरतों के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों की जल आवश्यकताओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

