September 16, 2026
Voice Of Panipat
Big Breaking NewsHaryanaHaryana NewsIndia NewsLatest NewsPanipatPANIPAT NEWS

वेटिंग टिकट लेकर कर रहे है TRAIN की यात्रा तो जान लीजिए ये नियम

वायस ऑफ पानीपत (शालू मौर्या):- अब यात्रियों के सुहाने सफर में खलल डालना भारी पड़ सकता है.. वेटिंग टिकट के यात्रियों की स्लीपर और एसी कोच में नो एंट्री होगी.. यदि वे इस टिकट पर सफर कर लेते हैं, तो चेकिंग स्टाफ उनसे जुर्माना वसूल कर अगले स्टेशन पर ही उतार देगा.. ऐसा होने से उन यात्रियों को राहत मिलेगी जो कनफर्म टिकट पर यात्रा कर रहे हैं.. यात्रियों को होने वाली असुविधा को देखते हुए रेलवे ने गाइडलाइन जारी कर रखी हैं कि वेटिंग टिकट नाट अलाउ.. इन आदेशों को यदि सख्ती से लागू कर दिया गया, तो रेलवे की आमदनी पर भी इसका असर पड़ेगा.. क्योंकि सामान्य टिकट पर प्लेटफार्म पर गाड़ी की इंतजार करने वाले यात्रियों की भी उनके गंतव्य तक की टिकट बना दी जाती है, जिससे रेलवे को काफी राजस्व मिलता है..

ट्रेनों में यात्रियों की संख्या दिनों दिन बढ़ती जा रही है.. अंबाला से बिहार, मुंबई, उत्तर प्रदेश, जम्मू आदि राज्यों को जाने वाली सभी ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट डल रही है.. जो यात्री आनलाइन टिकट बुक करवाते हैं, उनकी टिकट कनफर्म न होने पर स्वत: ही रद हो जाती है… जो यात्री स्टेशन से टिकट बुक करवाते हैं, उनकी टिकट स्वत: रद होने का कोई प्राविधान नहीं है.. ऐसे में यह वेटिंग लिस्ट वाले यात्री ट्रेन में सवार हो जाते हैं और कनफर्म टिकट पर यात्रा करने वाले यात्रियों की सीट पर अनाधिकृत तरीके से बैठ जाते हैं..

*स्टेशन पर बन जाती है लंबी दूरी की टिकट*

एक तरफ रेलवे ने वेटिंग टिकट को स्लीपर और ऐसी कोच में नो एंट्री नियम बना रखा है, वहीं दूसरी ओर अमृतसर, लुधियाना, सरहिंद, राजपुरा, अंबाला, जगाधरी, पानीपत, दिल्ली आदि स्टेशनों से चेकिंग स्टाफ जनरल टिकट पर यात्रियों की टिकट बना देता है.. इस टिकट के बनने से यात्री स्लीपर और एसी कोच में जाने के लिए अधिकृत हो जाता है, जिससे रेलवे के नियम भी टूटते हैं.. यह यात्री जुर्माना देकर डिब्बे में एंट्री तो कर जाते हैं, लेकिन सीट नहीं मिलती..

*चार सौ तक बन जाती है वेटिंग टिकट*

रेलवे में अब स्लीपर क्लास के डिब्बों की संख्या घट रही है और एसी क्लास के डिब्बों की संख्या बढ़ रही है.. इसका असर सामान्य वर्ग के लोगों पर सीधा पड़ रहा है, जो स्लीपर क्लास में यात्रा करते हैं.. इन यात्रियों की वेटिंग लिस्ट 400 तक पहुंच जाती है.. ऐसे में यह भी सवाल उठता है कि जब वेटिंग टिकट पर यात्रा की अनुमति नहीं है, तो वेटिंग का मापदंड इतना बड़ा क्यों रखा हुआ है..

TEAM VOICE OF PANIPAT

Related posts

कैसे Transfer कर सकते हैं Home Loan, किन बातों का रखना चाहिए ध्यान?

Voice of Panipat

अनंतनाग में हुए आतंकी हमले में हेड कांस्टेबल शहीद!

Voice of Panipat

हरियाणा शिक्षा Board के Admit card कल होंगे लाइव

Voice of Panipat