हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर को गूगल ने 1 हजार डॉलर का इनाम दिया है। गांव नीरपुर के इंजीनियर आलोक यादव ने क्रोम ब्राउजर में एक गंभीर बग खोजा है, जिससे डेटा चोरी का खतरा था, इसके लिए गूगल की ओर से उन्हें 1000 डॉलर दिए है। यह राशि उनके खाते में भेज दी गई है।
नीरपुर गांव के रहने वाले आलोक यादव पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर (गो-लैंग्वेज डेवलपर) हैं और शौक के तौर पर बग स्पेशलिस्ट का काम भी करते है। आलोक यादव ने एसवीएन स्कूल, नीरपुर से नॉन मेडिकल में 12वीं पास की है।
फिर जेईई मेंस क्लियर करने के बाद उन्होंने जालंधर से कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में बीटेक किया। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत टीसीएस कंपनी में ट्रेनी इंजीनियर के तौर पर की थी।
परिजनों ने बताया कि आलोक बीटेक करने के समय से ही बग ढूंढ रहे हैं, ताकि इंटरनेट को यूजर्स के लिए सुरक्षित बनाया जा सके। उन्होंने पहला बग 2017-18 में गूगल के क्रोम ब्राउजर में ढूंढा था। जिसके लिए गूगल ने उन्हें 2019 में 5 हजार अमेरिकन डॉलर (लगभग पौने चार लाख रुपए) का इनाम दिया था।
इसके बाद साल 2024 में आलोक ने गूगल को दो बग रिपोर्ट किए थे। इनमें से एक को गंभीर मानते हुए गूगल ने उन्हें अब 1 हजार अमेरिकन डॉलर इनाम दिया। अब तक आलोक गूगल से कुल 6 हजार अमेरिकन डॉलर जीत चुके है।

