हरियाणा परिवहन विभाग के कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। रोडवेज चालकों एवं परिचालकों को आठ घंटे की ड्यूटी के बाद ओवरटाइम दिया जाएगा। गर्मी की वर्दी के लिए भत्ता 1350 रुपये से बढ़ाकर 2 हजार रुपये तथा सर्दी की वर्दी के लिए 1450 रुपये से बढ़ाकर 1780 रुपये और जूता भत्ता 1 हजार रुपये से बढ़ाकर 1600 रुपये करने के प्रस्ताव को मुख्यमंत्री नायब सैनी ने स्वीकृति प्रदान कर दी है।
ज्यादातर मांगों पर बनी सहमति
परिवहन मंत्री अनिल विज के साथ मंगलवार को हरियाणा रोडवेज कर्मचारी साझा मोर्चा की बैठक में 80 से 90 प्रतिशत मांगों सहमति बन गई है। जल्द ही 700 परिचालकों के पद भरे जाएंगे। इसके अलावा 2072 नियमित परिचालकों की नियुक्ति के लिए प्रस्ताव को मुख्यमंत्री की स्वीकृति के लिए भेजा गया है।
700 परिचालकों की पदोन्नति की जाएगी। बैठक में निर्णय लिया गया कि ड्यूटी के दौरान मार्ग में असामाजिक तत्वों द्वारा चालक-परिचालकों के साथ झगड़ा एवं मारपीट की घटनाओं के मद्देनजर प्रत्येक जिले में एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। ऐसे मामलों को संबंधित प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर निपटाया जाएगा।
सरकार और वित्त विभाग को भेजे जाएंगे ये मामले
परिचालकों के ग्रेड- पे में बढ़ोतरी की मांग के संबंध में निर्णय लिया गया कि पड़ोसी राज्यों की व्यवस्था का अध्ययन कर मामला सरकार को भेजा जाएगा। लिपिकों की तर्ज पर परिचालकों को तीन वेतन वृद्धियां देने के संबंध में भी मामला वित्त विभाग को भेजा जाएगा।
चालकों को हैवी पे- ग्रेड देने तथा स्टैंड इंचार्ज का पद सृजित करने से संबंधित मामलों का पुनः अध्ययन कर उन्हें सरकार एवं वित्त विभाग को भेजा जाएगा। चालक, परिचालक, उप-निरीक्षक, निरीक्षक एवं कर्मशाला कर्मचारियों को पूर्व की भांति अर्जित अवकाश देने की मांग पर भी चर्चा हुई।
इसके अलावा वर्ष 2018 में कर्मशाला में भर्ती हुए ग्रुप D कर्मचारियों को तकनीकी पदों पर पदोन्नति देने के मामले पर पुनः विचार-विमर्श कर इसे वित्त विभाग एवं सरकार की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा।
कर्मचारियों को पूर्व की भांति कैलेंडर अवकाश देने, HKRN के तहत नियुक्त परिचालकों एवं हेल्परों तथा पार्ट-2 के तहत लगे हेल्परों को नियमित करने के संबंध में अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
अन्य मामलों पर भी हुआ विचार
विज ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि हरियाणा रोडवेज की बसों की समय-सारिणी में जल्द बदलाव किया जाए और कोई भी निजी बस हरियाणा रोडवेज की बस से कुछ समय पहले न चले। अधीक्षक पद के लिए अनुभव की अवधि को 12 वर्ष से घटाकर पांच वर्ष करने, सहायकों के पदों की संख्या बढ़ाकर लिपिकों की पदोन्नति करने तथा अन्य मामलों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
चालक एवं परिचालकों को रात्रि ठहराव देने तथा 25 दिन के भुगतान से संबंधित शक्तियां संबंधित महाप्रबंधकों को देने का मामला वित्त विभाग को भेजा जाएगा। एक माह के वेतन के बराबर बोनस देने का मामला मुख्यमंत्री के समक्ष भेजा जाएगा।

