Haryana News : सीएम नायब सैनी द्वारा पेमेंट में देरी व विकास कार्यों में देरी पर सख्ती बरतने का असर दिखाई देने लगा है। अब हरियाणा के प्रत्येक जिले के डीसी ने जिला परिषद, लोक निर्माण विभाग, पंचायती राज और बीडीपीओ के माध्यम से होने वाले विकास कार्यों पर रिपोर्ट मांगनी शुरू कर दी है और सख्त आदेश दिए है कि जो काम पूरे हो चुके है, उनकी पेमेंट ब्याज सहित दी जाए।
अगर खनिज फंड का प्रयोग नहीं किया तो संबंधित विभाग उस राशि को ब्याज सहित वापस करें। इसी कड़ी में चरखी दादरी जिले में खनिज फंड के तहत विकास कार्यों के लिए विभिन्न विभागों को जारी की गई राशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र को तलब किया है। इसमें आदेश दिए गए कि अगर किसी विभाग ने राशि खर्च नहीं की है तो ब्याज सहित उसे तुरंत वापस करें।
चरखी दादरी डीसी मनदीप कौर ने जिला खनिज फंड की राशि की समीक्षा की। इसके लिए जिला परिषद, लोक निर्माण विभाग, पंचायती राज और बीडीपीओ के पास राशि दी गई थी ताकि जरूरत के अनुसार विकास कार्यों को करवाया जा सके। ऐसे में जो राशि दी गई थी विभाग सुनिश्चित करें कि वह काम पूरा हो गया या नहीं।
अगर पूरा हो गया है तो उसका उपयोगिता का प्रमाण पत्र तुरंत खनन विभाग को दें। अगर तय समय में वह काम शुरू नहीं हुआ है तो संबंधित विभाग तुरंत प्रभाव उसे राशि को ब्याज सहित वापस करें। डीसी ने आदेश दिए कि जो काम पूरे हो गए है तो उनका जियो टैग के साथ फोटो भी उपलब्ध करवाएं और फोटो के पीछे उस काम का ब्योरा, राशि व काम करनवाने वाले अधिकारी के हस्ताक्षर जरूर हो।
काम पूरे हुए या नहीं एसडीएम व एसडीओ करेंगे जांच
डीसी ने आदेश दिए कि सरकारी फंड के तहत विभिन्न विभागों के माध्यम से करवाए गए कामों को संबंधित एसडीएम चेक करें और उसकी रिपोर्ट तैयार कर उपायुक्त कार्यालय में भेजें। साथ ही संबंधित बीडीपीओ भी करवाए गए कार्यों की समीक्षा करके रिपोर्ट दे । समिति की अगली बैठक में नए एजेंडे के हिसाब से नए कामों की स्वीकृति ली जाएगी और उस स्वीकृति के अनुसार ही कामों को लेकर विभागों को राशि उपलब्ध करवाई जाएगी। अगली बैठक से पहले संबंधित विभाग अपनी मांग के अनुसार कामों की फीजिबिलिटी चेक कर ले।

