70’s Mohammad Rafi Hit Song: हिंदी सिनेमा जगत में मैजिकल वॉइस के धनी मोहम्मद रफी और स्वर कोकिला आशा ताई की जुगलबंदी ने 1979 में बॉलीवुड को ऐसा ब्लॉकबस्टर गाना दिया था जिसे सुनकर उस दौर में औरतों की हाथों की चूड़ियां अपने आप खनकने लगती थी। जी हां… हम बात कर रहे हैं आज से 48 वर्ष पहले बने हिंदी सिनेमा के सदाबहार पुराने गाने ‘तेरे हाथों में पहना के चूड़ियां’ गाने (evergreen old song) की। इस गाने ने 70 और 80 के दशक में ऐसी धूम मचाई थी जिसका शोर आज तक सुनाई दे रहा है। चार दशक पहले यह गाना (70’s Hindi song) हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पंजाब, बिहार, महाराष्ट्र और झारखंड सहित उत्तरी राज्यों में हिंदी संगीत प्रेमियों के दिलों पर छा गया था।
विवाह-शादियों में करती थी औरतें ‘तेरे हाथों में पहन के चूड़ियां’ गाने पर कमर के बल नृत्य
मोहम्मद रफ़ी और आशा ताई की जुगलबंदी ने ‘तेरे हाथों में पहन के चूड़ियां’ कालजयी गीत (Mohammad Rafi song) के माध्यम से हिंदी संगीत प्रेमियों को दीवाना बना दिया था। विवाह-शादियों के अवसर पर खासकर महिलाएं इस गाने पर कमर के बाल खूब नृत्य करती थी। इंटरनेट टेक्नोलॉजी से भरपूर आज के जमाने में भी ग्रामीण क्षेत्र में विवाह शादी की पार्टियों में पुराने संगीत को पसंद करने वाले लोगों द्वारा इस जीत पर जमकर नृत्य किया जाता है। प्यार के बंधन से ओतप्रोत इस गाने (old Hindi song) को पिछले 4 दशकों से लगातार तीन पीढ़ियां सुनती हुई आ रही हैं। इस ब्लॉकबस्टर हिंदी गाने को उस दौर के चॉकलेटी हीरो जितेंद्र (Jitendra) और खूबसूरत अभिनेत्री नीतू सिंह पर फिल्माया गया था।
लक्ष्मीकांत प्यारेलाल जी ने तैयार की थी 70 के दशक के कालजई गीत ‘तेरे हाथों में पहन के चूड़ियां’ की प्यारी धुन
हिंदी सिनेमा जगत की 1979 में रिलीज हुई “जानी दुश्मन” फिल्म के पुराने सुपरहिट गाने (superhit old song) ‘तेरे हाथों में पहना के चूड़ियां’ में सुरों के सरताज मोहम्मद रफी और आशा ताई ने अपनी जादुई आवाज से सुर लगाकर समां बांध दिया था। इस कल्ट क्लासिक गीत में जितनी तारीफ मोहम्मद रफ़ी और आशा भोंसले की आवाज की की जाती है, उतनी ही तारीफ गाने में लक्ष्मीकांत प्यारेलाल जी (lakshmikant Pyarelal) द्वारा दिए गए संगीत की भी की जाती है।
लक्ष्मीकांत प्यारेलाल जी द्वारा बनाई गई इस गाने की प्यारी धुन पिछले 4 दशकों से करोड़ों दिलों पर राज कर रही है। 70 के दशक के इस सदाबहार गाने के लिरिक्स वर्मा मलिक जी द्वारा लिखे गए थे। मोहम्मद रफ़ी और आशा भोसले (Asha Bhosle) के साथ लक्ष्मीकांत प्यारेलाल जी के संगीत ने इस गाने को हमेशा हमेशा के लिए ब्लॉकबस्टर (Blockbuster old song) बना दिया था।

