हरियाणा में विकसित हो रही नई कालोनियां यानी सोसाइटी के नियमों में सरकार द्वारा बड़ा बदलाव किया गया है। जहां पर नई कालोनी यानी सोसाइटी स्थापित करने के लिए नियमों को सख्त कर दिया है। बदले नियमों से न केवल कालोनाइजर की जवाबदेही बढ़ेगी, बल्कि प्लाट फ्लैट खरीदने वाले लोगों को बेहतरीन सुविधाएं भी सुनिश्चित होंगी।
नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग ने हरियाणा नगरीय क्षेत्र विकास और विनियमन नियमों में बदलाव का प्रारूप जारी करते हुए 30 दिन में आपत्तियां व सुझाव मांगे हैं। प्रस्तावित संशोधनों के तहत कालोनी लाइसेंस के लिए आवेदन प्रक्रिया, कमियां दूर करने, लेआउट प्लान तैयार कराने, लाइसेंस अस्वीकार करने और पर्यावरण अनुकूल कम घनत्व वाली कालोनियों के लिए कई नई शर्तें प्रस्तावित की गई हैं। आपत्ति या सुझाव लिखित रूप में नगर व ग्राम आयोजना विभाग के निदेशक कार्यालय में प्राप्त किए जाएंगे।
प्रारूप के मुताबिक, नियम-6 को बदलने का प्रविधान है। इसके तहत भूमि मालिक आवेदन करते समय कुछ निर्धारित योजनाएं और दस्तावेज निदेशक से तैयार कराने का अनुरोध कर सकेगा। इसके लिए 50 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से शुल्क देना होगा। इससे आवेदन के लिए जरूरी लेआउट प्लान एवं संबंधित दस्तावेज तैयार कराने का विकल्प उपलब्ध होगा।
नियम-7 में प्रस्तावित बदलाव के अनुसार निर्धारित फार्म के साथ जरूरी दस्तावेज और प्लान लगाए बिना आवेदन वैध नहीं माना जाएगा। हालांकि, आवेदन में कमियां पाए जाने पर उन्हें दूर कर 60 दिन के भीतर दोबारा आवेदन जमा करने पर स्क्रूटनी फीस जब्त नहीं होगी।
विभाग को आवेदन मिलने के 90 दिन के भीतर अपनी टिप्पणियां बतानी होंगी। आवेदक 60 दिन में कमियां दूर कर नियमों की अनुपालना नहीं करता है तो एलसी-1 फार्म में आवेदन स्क्रूटनी फीस जब्त करते हुए वापस किया जा सकेगा और दोबारा आवेदन के लिए कारण भी बताए जाएंगे।
निदेशक आवेदन से संतुष्ट नहीं होते हैं तो आवेदन प्राप्त होने की तारीख से छह माह के भीतर उसे अस्वीकार किया जा सकेगा। नियम-9 के तहत निदेशक जांच करने और आवेदक को सुनवाई का उचित अवसर देने के बाद लिखित आदेश से लाइसेंस आवेदन अस्वीकार कर सकेंगे।
पर्यावरण अनुकूल कालोनियों में सौर ऊर्जा और जल पुनर्चक्रण जरूरी
कम घनत्व वाली पर्यावरण अनुकूल कालोनियों में सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के साथ ही वर्षा जल के भंडारण, शुद्धिकरण, वितरण और पुनर्चक्रण की एकीकृत व्यवस्था करनी होगी। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की व्यवस्था, खेती, फ्लशिंग और घरेलू जरूरतों के लिए अलग वितरण प्रणाली का प्रविधान किया गया है। कालोनी में जैविक कचरे के उपयोग और पुनर्चक्रण के लिए कंपोस्ट प्लांट स्थापित करना होगा। आवासीय घनत्व को अधिकतम 25 व्यक्ति प्रति एकड़ तक सीमित करने का भी प्रविधान है।

