Kishore Kumar and Lata Mangeshkar Song: किशोर कुमार और लता मंगेशकर की जोड़ी द्वारा 70 के दशक में एक से बढ़कर एक सुपरहिट हिंदी गाने दिए थे। 70 का दशक वह दौर था जब लोग किशोर कुमार और लता मंगेशकर के नए गाने (Lata Mangeshkar song) के रिलीज होने का हमेशा इंतजार करते रहते थे।
किशोर कुमार और लता मंगेशकर की आवाज में उस दौर में गाए गए और राजेश खन्ना (Rajesh Khanna) और मुमताज की जोड़ी पर फिल्माए गए कहीं ऐसे सदाबहार हिंदी गाने (evergreen old Hindi song) हैं जिन्हें आज भी लोग बड़े चाव से सुनते हैं। ऐसा ही एक पुराना गाना 1975 में रिलीज हुई फिल्म प्रेम कहानी का है। इस गाने को प्रेम कहानी फिल्म का टाइटल सॉन्ग भी बताया जाता है। ‘प्रेम कहानी में’ टाइटल से 51 वर्ष पहले बनाया गया यह हिंदी गाना आज भी लोगों की प्लेलिस्ट में फेवरेट बना हुआ है।
‘प्रेम कहानी में’ सुपरहिट गाना पांच दशकों से कर रहा है करोड़ों दिलों पर राज
70 के दशक की बॉलीवुड की सबसे सुपरहिट जोड़ी राजेश खन्ना और मुमताज पर फिल्माए गए ‘प्रेम कहानी में’ (70’s Hindi song) गाने को आए हुए 51 वर्ष हो गए हैं। यह गाना आज के दौर में उतना ही पसंद किया जाता है, जितना पसंद उस दौर में किया जाता था। बता दें कि लता मंगेशकर और किशोर कुमार (Lata Mangeshkar and Kishore Kumar) हिंदी सिनेमा के वो प्लेबैक सिंगर थे, जिन्होंने कई देशों तक हिंदी संगीत की दुनिया पर राज किया है।
इस जोड़ी की आवाज में 1975 में रिलीज हुए ‘प्रेम कहानी में’ सुपरहिट गाने (superhit old song) का क्रेज आज भी काम नहीं हुआ है। मोबाइल के इस जमाने से पहले किशोर कुमार और लता मंगेशकर का यह गाना लोगों के घरों और दुकानों में टेप रिकॉर्ड और स्पीकरों पर खूब बजता था।
किशोर कुमार और राजेश खन्ना की जोड़ी ने दिए थे एक से बढ़कर एक कई सुपरहिट गाने
हिंदी सिनेमा जगत में किशोर दा और राजेश खन्ना की जोड़ी ने 70 के दशक में बॉलीवुड को एक से बढ़कर एक कई सुपरहिट हिंदी गाने (superhit old Hindi song) दिए थे। किशोर कुमार की आवाज में बॉलीवुड के सुपरस्टार राजेश खन्ना पर फिल्माए गए 70 के दशक के रोमांटिक गाने आज भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बने रहते हैं।
राजेश खन्ना और मुमताज (Rajesh Khanna and Mumtaj) की जोड़ी पर 1975 में फिल्माया गया प्रेम कहानी फिल्म का यह गाना उन दिनों युवाओं की जुबान पर छा गया था। इस रोमांटिक गाने को मधुर संगीत लक्ष्मीकांत प्यारेलाल जी ने दिया था और आनंद बख़्शी जी द्वारा लिखे गए थे।

