हरियाणा के पूर्व मंत्री गोपाल कांडा के तीन ठिकानों पर वीरवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) की तरफ से छापेमारी की गई। यह छापेमारी रियल एस्टेट कंपनी में हुई हेराफरी के आरोप के मामले में की गई है। हालांकि गोपाल कांडा के लगभग तीन साल पहले भी छापेमारी हो चुकी है, लेकिन इस बार 248.46 करोड़ से जुड़े हुए मामले में छापेमारी की गई है।
आपको बता दे कि यह मामला रेड रियल एस्टेट कंपनी वाटिका के गुरुग्राम से जुड़े हुए चार परियोजनाओं से जुड़ा हुआ है। इसमें 661 निवेशकों की तरफ से 248.46 करोड़ रुपये जमा करवाए थे। जहां पर चार प्रोजेक्ट के तहत निवेशकों को कब्जा, पक्का रिटर्न, लीज रेंटल और सेल डीड पूरा करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक न तो कब्जा दिया गया और न ही सेल डीड को पूरा किया गया है। इसके कारण निवेशक लगातार कब्जा दिलाने व सेल डीड को पूरा करने की मांग कर रहे थे।
इसी के चलते वीरवार को ईडी की टीम ने पीएमएलए की धारा 17 के तहत गोपाल कांडा के गुरुग्राम स्थित तीन जगहों पर छापेमारी की गई। इसमें पहली छापेमारी उसके घर, दूसरी फार्म हाउस व तीसरी छापेमारी कार्यालय पर की गई है। यह तीनों ही कार्रवाई एक साथ की गई है। आरोप है कि डायवर्ट किए गए फंड को बाद में गोपाल कांडा से जुड़ी अलग-अलग कंपनियों में ट्रांसफर कर दिया गया था।
पहले ही गोपाल कांडा के आवास पर हो चुकी है छापेमारी
गोपाल कांडा के ठिकानों पर छापेमारी की दूसरी घटना है। इससे पहले उनके सिरसा के आवास व अन्य जगहों पर ईडी की तरफ से छापेमारी की गई थी। अगस्त 2023 में ईडी की टीमों ने 21 घंटे तक उनकी संपत्तियों के दस्तावेज खंगाले थे। ईडी के अधिकारियों ने सिविल लाइन स्थित उनके घर और एमडीएलआर एयरलाइंस के कार्यालय में एक साथ कार्रवाई शुरू की थी।

