वॉयस ऑफ पानीपत (तमन्ना गोयल)- बेटी के जन्म की खुशी में हरिद्वार से गंगा जल लेकर घर लौट रहे एक शिवभक्त की दंडवत कांवड़ खंडित हो गई।ये मामला हरियाणा के पानीपत का है और घटना यूपी के शामली जिले के कैराना में हुई।

कावड़ खंडित होन पर बिलखता शिवभक्त
क्या हुआ था :-
पानीपत के गांव गोयला खुर्द निवासी धर्मवीर उर्फ नाथी उर्फ एमडी रावल की दो बेटियां हैं। पहली बेटी इशानवी का जन्म जनवरी 2025 में और दूसरी बेटी मानवी का जन्म इसी साल जनवरी में हुआ था। बेटी होने की खुशी में उन्होने 1 जुलाई को हरिद्वार से अपने गांव तक दंडवत कांवड़ यात्रा शुरू की थी। 29 जुलाई की सुबह 6 बजे हरिद्वार से गंगा जल उठाकर वह वापस पानीपत के लिए निकले। आरोप है कि मंगलवार रात करीब 11 बजे जब वह कैराना के काकौर गांव स्थित एक मस्जिद के पास से गुजर रहे थे, तभी वहां बैठे 4 युवकों ने उनकी कांवड़ पर हड्डी का टुकड़ा फेंक दिया जिससे उनकी कांवड़ खंडित हो गई।पानीपत से कुछ किलोमीटर पहले ही कांवड़ खंडित होने से वह बिलख-बिलख कर रो पड़े।जिसके बाद साथ चल रहे अन्य कांवड़ियों ने तुरंत हंगामा शुरू कर दिया। सूचना मिलते ही यूपी पुलिस अलर्ट मोड पर आ गई मैं और मौके पर पहुंचकर और कवाडियों को समझाने का प्रयास किया।
पुलिस अलर्ट:-
काफी देर तक कांवड़िए आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे। बाद में कैराना एसडीएम मौके पर पहुंचे और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन देकर मामला शांत कराया। इसके बाद ही धर्मवीर और अन्य शिवभक्त आगे बढ़े।
धर्मवीर ने पुलिस को लिखित शिकायत भी दी है। उनका आरोप है कि आश्वासन के बाद भी पुलिस ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है।
एसपी का बयान:
विवाद बढ़ने पर शामली के एसपी एनपी सिंह ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि प्राथमिक जांच और मौके के मुआयने में ऐसा प्रतीत होता है कि सड़क किनारे मिट्टी में कोई पुरानी हड्डी दबी हुई थी, जो वाहनों की आवाजाही या हलचल से ऊपर आ गई। एसपी के अनुसार अब तक की तफ्तीश में किसी व्यक्ति द्वारा जानबूझकर मांस या हड्डी फेंकने का कोई साक्ष्य नहीं मिला है। साथ ही जिन नाबालिग लड़कों पर आरोप लगे थे उनसे पूछताछ भी की गई, लेकिन उन्होंने भी हड्डी फेंकने की बात से इनकार किया।
TEAM VOICE OF PANIPAT

