वॉयस ऑफ पानीपत (आयुषी त्यागी): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के AI जनरेटेड मॉर्फ्ड वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर विवाद चल रहा है। मामले की शुरुआत 23 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए CJP प्रोटेस्ट के दौरान हुई थी जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कई अन्य नेताओं को निशाना बनाते हुए AI की मदद से तैयार किए गए मॉर्फ्ड वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किए जा रहे थे । हाल फिलहाल में भी इसी प्रकार की एक वीडियो वायरल हुई जिसकी शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी ।
मामले की जांच के दौरान हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने पाया कि AI जनरेटेड वीडियो फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से शेयर किए गए। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन वीडियो को किसने बनाया । इसी मामले में हैदराबाद पुलिस ने मेटा इंडिया के हेड अरुण श्रीनिवास समेत कई सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। साथ ही नोएडा में भी प्रधानमंत्री के खिलाफ कथित अभद्र टिप्पणी करने के आरोप में एक महिला पर अलग मामला दर्ज किया गया है। हैदराबाद पुलिस ने भाजपा कार्यकर्ताओं की शिकायत के आधार पर दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं। ये मामले भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज किए गए हैं। पुलिस ने वीडियो शेयर करने वाले अकाउंट्स को मुख्य आरोपी बनाया है, इनके साथ मेटा इंडिया के हेड को भी दोनों मामलों में आरोपी माना गया है। इससे पहले पुलिस ने मेटा के अधिकारियों को नोटिस भेजकर AI जनरेटेड कंटेंट की मॉडरेशन प्रक्रिया, फर्जी सामग्री की पहचान और उसे हटाने की व्यवस्था को लेकर भी जानकारी मांगी थी। हालांकि, कंपनी की ओर से इस एफआईआर पर अभी तक कोई बयान जारी नहीं किया गया है। फिलहाल दोनों मामलों की जांच जारी है और पुलिस डिजिटल सबूतों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने की कोशिश कर रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
TEAM VOICE OF PANIPAT

