हरियाणा में सड़क नेटवर्क का बुनियादी ढांचा मजबूत करने और बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करने की दिशा में एक और सराहनीय कदम उठाया जाएगा। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने एक लाख से अधिक आबादी वाले शहरों और कस्बों के बाहर रिंग रोड और नेशनल हाइवे बनाने की योजना को मंजूरी प्रदान कर दी है। इनका उद्देश्य शहरों में ट्रैफिक दबाव कम करना और आमजन के लिए बेहतर आवागमन सुनिश्चित करना है।
शनिवार को मुख्यमंत्री ने नेशनल हाइवे से शहरी क्षेत्रों में भीड़ कम करने के लिए मास्टर प्लान के तहत राज्य के वित्तीय योगदान के मॉडल को लेकर बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में लोक निर्माण विभाग के मंत्री रणबीर गंगवा, चीफ सेक्रेटरी अनुराग रस्तोगी समेत कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाहरी रिंग रोड और नेशनल हाइवे के लिए केंद्र सरकार की नीति के अनुरूप पॉलिसी तैयार की जाए। केंद्र सरकार के लागत शेयर के लिए वित्त विभाग, लोक निर्माण विभाग और शहरी स्थानीय निकाय के अधिकारियों की तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। बैठक में हिसार, कुरुक्षेत्र, नारनौल, जींद और सोहना-पलवल बाईपास को मंजूरी प्रदान की गई है।
कई शहरों की कनेक्टिविटी होगी बेहतर
हिसार बाईपास NH-52 के हिसार-राजगढ़ रोड को हिसार-दिल्ली रोड और हिसार-कैथल रोड से जोड़ेगा।
कुरुक्षेत्र-लाडवा बाईपास की DPR तैयार है।
नारनौल सिटी बाईपास करीब 11 किलोमीटर लंबा होगा और NH-148B से जुड़ेगा।
जींद में NH-352 का फोरलेन बाहरी रिंग रोड और बाईपास बनेगा।NH-919 से पलवल-सोहना बाईपास का रिडिजाइन और निर्माण किया जाएगा। यह करीब 24 किलोमीटर लंबा फोरलेन होगा।
इन परियोजनाओं पर करीब 9700 करोड़ रुपये खर्च होंगे। DND-फरीदाबाद-बल्लगढ़ बाईपास को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और जेवर एयरपोर्ट से जोड़ने की योजना है।

