September 22, 2026
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Haryana: हरियाणा में PGT अभ्यर्थियों के लिए खुशखबरी, हाईकोर्ट ने सुनाया ये फैसला

Haryana News: पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा में PGT भर्ती के लिए आयु सीमा में छूट को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि भर्ती विज्ञापन की कोई भी शर्त वैधानिक सेवा नियमों के विपरीत नहीं हो सकती। यदि भर्ती विज्ञापन और वैधानिक सेवा नियमों में टकराव होता है तो सेवा नियमों को ही सर्वोच्च माना जाएगा।

जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ ने नरेश कुमारी व अन्य की ओर से दायर चार याचिकाओं पर संयुक्त रूप से यह फैसला सुनाया। याचिकाओं में 23 जुलाई 2024 को जारी PGT भर्ती विज्ञापन की उस शर्त को चुनौती दी गई थी, जिसमें आयु में छूट का लाभ केवल उन्हीं अभ्यर्थियों को देने की बात कही गई थी, जिन्होंने समकक्ष पद पर कार्य किया हो।

विज्ञापन में जोड़ी गई अतिरिक्त शर्त पर उठे सवाल

याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि भर्ती विज्ञापन में लगाई गई यह शर्त हरियाणा स्टेट एजुकेशन स्कूल कैडर (ग्रुप-बी) सर्विस रूल्स, 2012 के प्रावधानों के विपरीत है।

हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद कहा कि भर्ती प्रक्रिया में जारी विज्ञापन वैधानिक सेवा नियमों के अधीन होता है। यदि विज्ञापन की कोई शर्त और सेवा नियम आपस में विरोधाभासी हैं तो वैधानिक नियम प्रभावी होंगे।

अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि कार्यपालिका या प्रशासनिक निर्देशों के जरिए वैधानिक सेवा नियमों में बदलाव नहीं किया जा सकता। ऐसे निर्देश न तो नियमों का स्थान ले सकते हैं और न ही उनके दायरे को सीमित कर सकते हैं।

2012 के नियमों में पांच साल तक आयु छूट का प्रावधान

हाईकोर्ट ने पाया कि वर्ष 2012 के सेवा नियमों के नियम-5 के तहत सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को अधिकतम पांच वर्ष तक आयु में छूट देने का प्रावधान है।

अदालत ने कहा कि इस नियम में कहीं भी यह शर्त नहीं है कि आयु में छूट पाने के लिए शिक्षक का समकक्ष पद पर कार्य करना अनिवार्य हो। ऐसे में भर्ती विज्ञापन के माध्यम से यह अतिरिक्त शर्त जोड़ना वैधानिक नियमों के अनुरूप नहीं माना जा सकता।

याचिकाकर्ताओं की उम्मीदवारी फिर से होगी विचाराधीन

हाईकोर्ट ने चारों याचिकाएं स्वीकार करते हुए याचिकाकर्ताओं की उम्मीदवारी केवल इस आधार पर रद्द करने के आदेश निरस्त कर दिए कि उनके पास समकक्ष पद का अनुभव नहीं था।

अदालत ने हरियाणा सरकार और हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) को निर्देश दिया कि 2012 के नियमों के नियम-5 के अनुसार आयु में छूट का लाभ देते हुए याचिकाकर्ताओं के मामलों पर नए सिरे से विचार किया जाए।

हालांकि, यह लाभ उन अभ्यर्थियों को नहीं मिलेगा जिन्होंने पहले ही नियमित नियुक्ति के लिए इस एकमुश्त आयु छूट का लाभ प्राप्त कर लिया है।

साक्षात्कार से वंचित अभ्यर्थी को भी मिलेगा मौका

कोर्ट ने उस याचिकाकर्ता को भी साक्षात्कार का अवसर देने का आदेश दिया, जिसका पहले साक्षात्कार नहीं लिया गया था।

अदालत ने कहा कि यदि याचिकाकर्ता निर्धारित पात्रता और मेरिट के आधार पर चयनित पाए जाते हैं तो उन्हें नियुक्ति के साथ सभी परिणामी काल्पनिक (नोटेशनल) लाभ दिए जाएंगे। हालांकि, वास्तविक वेतन उन्हें कार्यभार ग्रहण करने की तारीख से ही मिलेगा।

हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार और HPSC को पूरी प्रक्रिया छह सप्ताह के भीतर पूरी करने के निर्देश दिए हैं।

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