हरियाणा के हांसी में मौजूद समाधा मंदिर आजकल सुर्खियों में छाया हुआ है। वैसे तो यह मंदिर अपनी ऐतिहासिकता और प्राचीनाता के साथ-साथ चमत्कारिक किस्सों के लिए भी जाना जाता है लेकिन आजकल एक और खास वजह है जिसकी वजह से इस मंदिर का नाम सबकी जुबान पर बना हुआ है।
बता दें कि हांसी के इस समाधा मंदिर में रोजाना हजारों की संख्या में श्रद्धालु भगवान के दर्शन के लिए उमड़ते हैं। इसी को देखते हुए सूबे की नायब सैनी सरकार ने इस मंदिर के कायाकल्प के लिए कई बड़े ऐलान किए हैं। आइए जानते हैं कि क्या हैं इस मंदिर की मान्यता और लोग इसे चमत्कारिक क्यों बता रहे हैं।
इस जगह पर हैं समाधा मंदिर
हांसी शहर के दक्षिण- पश्चिम में मौजूद यह मंदिर गौसाई गेट से लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस मंदिर का नाम बाबा जगन्नाथ पुरी जी की समाधी के नाम से पड़ा है। बता दें कि गत दिनों हांसी को हरियाणा का नया जिला घोषित किया गया है। ऐसे ही प्रदेश सरकार ने इस जिले के ऐतिहासिक स्थलों के जीर्णोद्धार की योजना बनाई है और इसी कड़ी में समाधा मंदिर का कायाकल्प किया जा रहा है।
क्या होगा खास?
प्राचीन समाधा मंदिर के लिए नगर परिषद ने सिसाय पुल तक के मार्ग को स्मार्ड रोड के रूप में विकसित करने का फैसला लिया गया है। सड़क मार्ग पर रंगीन टायलें लगाई जाएंगी। इसके साथ ही रंग-बिरंगी लाइटें और हरियाली पर खास ध्यान दिया जाएगा। वहीं, श्रद्धालुओं के बैठने के लिए बैंच और फूड कोर्ट की सुविधा तथा मंदिर मार्ग पर सेल्फी प्वाइंट्स विकसित किए जाएंगे।
क्या है समाधा मंदिर की विशेषता?
बता दें कि इस मंदिर के प्रांगण में एक बरगद का पेड़ है। देखने पर ऐसा लगता है जैसे कि यह हवा में तैर रहा है। इसकी मुख्य जड़ जमीन से अलग हैं। इस पेड़ को देखते हैं तो इसका मुख्य तना और मुख्य जड़ के बीच करीब एक फीट का अंतर दिखाई देता है। जिससे लगता है कि यह पेड़ हवा में तैर रहा है। दरअसल, इस पेड़ की मोटी शाखाएं बराबर वाले पेड़ पर टिकी हैं और वहीं से इस पेड़ को जीवंत रहने का मुख्य आधार मिल रहा है। इसलिए इस पेड़ का मुख्य तना अब सिर्फ हवा में लटक रहा है क्योंकि पेड़ का मुख्य आधार उसका मुख्य तना होता है। इसलिए देखने पर ऐसा प्रतीत होता है कि जैसे यह हवा में टिका हो। हालांकि, सोशल मीडिया पर कुछ लोग इसे चमत्कार भी बता रहें हैं और दूरदराज़ से बड़ी संख्या में लोग इसे देखने के लिए पहुंचते हैं।

