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August 5, 2026
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IAS Success Story: तीन बार असफल रहीं प्राची हनी, चौथे प्रयास में AIR 28 के साथ बनीं IAS अफसर

IAS Success Story: “वर्षों तक वन में घूम-घूम, बाधा-विघ्नों को चूम-चूम… सौभाग्य न सब दिन सोता है, देखें आगे क्या होता है।” राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की अमर कृति रश्मिरथी की ये पंक्तियां प्राची हनी के जीवन की कहानी को बखूबी बयान करती हैं। लगातार असफलताओं, मानसिक तनाव और आत्मविश्वास टूटने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। तीन बार यूपीएससी प्रीलिम्स में असफल होने के बाद चौथे प्रयास में उन्होंने न सिर्फ परीक्षा पास की, बल्कि UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 में ऑल इंडिया 28वीं रैंक हासिल कर IAS बनने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाया।

कौन हैं प्राची हनी?

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के पादव पोखर लेन 4बी की रहने वाली प्राची हनी एक शिक्षित परिवार से आती हैं। उनके पिता स्कूल के प्रिंसिपल हैं, जबकि मां शिक्षिका हैं। बचपन से ही घर में पढ़ाई का माहौल था, जिसने उन्हें बड़े लक्ष्य तय करने की प्रेरणा दी।

पिता का सपना बना बेटी का लक्ष्य

प्राची बताती हैं कि बचपन से उन्होंने अपने पिता का IAS अधिकारी बनने का अधूरा सपना सुना था। परिस्थितियों के कारण वह सपना पूरा नहीं हो सका। यही सपना प्राची ने अपना लक्ष्य बना लिया। हालांकि इस सफर में उन्हें कई कठिनाइयों और असफलताओं का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने अपने लक्ष्य से कभी समझौता नहीं किया।

कॉलेज के दिनों से शुरू कर दी थी UPSC की तैयारी

स्कूल शिक्षा पूरी करने के बाद प्राची उच्च शिक्षा के लिए दिल्ली चली गईं। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के कालिंदी कॉलेज से भूगोल में स्नातक की पढ़ाई की। कॉलेज के दौरान ही उन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी। भूगोल ही उनका वैकल्पिक (ऑप्शनल) विषय रहा।

लगातार तीन असफलताओं ने तोड़ दिया था आत्मविश्वास

प्राची के लिए UPSC का सफर आसान नहीं था। पहले तीन प्रयासों में वे प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) भी पास नहीं कर सकीं। लगातार असफलताओं का असर उनके मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ा।

एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि दूसरे और तीसरे प्रयास में असफल होने के बाद वे गहरे तनाव में चली गई थीं। लगातार ओवरथिंकिंग की वजह से उन्हें नींद नहीं आती थी। डॉक्टर की सलाह पर कुछ समय तक उन्हें नींद की दवा भी लेनी पड़ी। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि दवा केवल चिकित्सकीय सलाह के अनुसार और सीमित समय के लिए ही ली थी।

चौथे प्रयास में बदली रणनीति, मिली देशभर में 28वीं रैंक

बार-बार असफल होने के बाद प्राची ने हार मानने के बजाय अपनी तैयारी का तरीका बदला। उन्होंने अपनी कमजोरियों का विश्लेषण किया, अध्ययन रणनीति में सुधार किया और पूरे आत्मविश्वास के साथ चौथे प्रयास में परीक्षा दी।

UPSC CSE 2025 में उन्होंने पहली बार प्रीलिम्स पास किया, फिर मेन्स और इंटरव्यू में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए पूरे देश में 28वीं रैंक हासिल की।

दिलचस्प बात यह है कि इसी दौरान उन्होंने BPSC 69वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा भी पास की और 92वीं रैंक प्राप्त की थी। हालांकि उन्होंने वह सेवा जॉइन नहीं की, क्योंकि उनका अंतिम लक्ष्य UPSC के माध्यम से IAS बनना था।

UPSC अभ्यर्थियों को प्राची की 4 अहम सलाह

  1. PYQs को सिर्फ पढ़ें नहीं, समझें

प्राची के अनुसार, शुरुआती तैयारी के दौरान उन्होंने पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों (PYQs) को केवल सरसरी तौर पर देखा था। बाद में उन्हें एहसास हुआ कि UPSC के प्रश्नों का पैटर्न, थीम और सोच को गहराई से समझना अधिक जरूरी है।

  1. आत्मविश्वास कभी न खोएं

लगातार असफलताओं के बाद उनका खुद पर भरोसा कम होने लगा था। उनका कहना है कि यदि उम्मीदवार अपनी तैयारी पर विश्वास खो देते हैं, तो परीक्षा हॉल के दबाव में अपनी वास्तविक क्षमता का प्रदर्शन नहीं कर पाते।

  1. हमेशा रखें एक प्लान B

प्राची मानती हैं कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान वैकल्पिक योजना (Plan B) होना जरूरी है। BPSC में सफलता मिलने के बाद उनका आत्मविश्वास लौटा और उसी सकारात्मक मानसिकता के साथ उन्होंने UPSC का चौथा प्रयास दिया।

  1. मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को न करें नजरअंदाज

प्राची का कहना है कि लंबी तैयारी के दौरान केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य का भी ध्यान रखना चाहिए। परिवार और दोस्तों से जुड़े रहें, अपनी भावनाएं साझा करें और यदि संभव हो तो डायरी लिखने जैसी आदत विकसित करें।

सफलता का संदेश

प्राची हनी की कहानी बताती है कि असफलता किसी मंजिल का अंत नहीं, बल्कि बेहतर तैयारी का अवसर होती है। सही रणनीति, धैर्य, आत्मविश्वास और निरंतर प्रयास के साथ कठिन से कठिन लक्ष्य भी हासिल किया जा सकता है। उनकी यात्रा आज लाखों UPSC अभ्यर्थियों के लिए यह संदेश देती है कि हार मानने

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