Haryana News: हरियाणा प्रदेश के सोनीपत जिले के किसानों के लिए अच्छी खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार प्रदेश सरकार ने 21 साल बाद किसानों को जमीन के बदले जमीन को प्लॉट देने का फैसला लिया है। बता दें कि सोनीपत जिले में राजीव गांधी एजुकेशन सिटी के लिए अधिगृहीत जमीन बचाने के लिए किसान पिछले 21 साल से संघर्ष कर रहे हैं। इसी को लेकर शुक्रवार को असावरपुर गांव में किसानों की पंचायत हुई। पंचायत में भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष एवं सरकार में चेयरमैन मोहनलाल बड़ौली भी पहुंचे।
उन्होंने किसानों को आश्वासन दिया कि सीएम के साथ वार्ता के बाद फैसला लिया गया कि 21 साल से चल रहे राजीव गांधी एजुकेशन सिटी के सभी मसलों का स्थायी समाधान किया जाएगा। इसके लिए एक उच्च अधिकारियों की कमेटी गठित की हुई है। जमीन का दोबारा से सर्वे कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि मकान किसी का नहीं तोड़ा जाएगा। जो मकान या जमीन प्रोजेक्ट के बीच में आएगी, उसके बदले में किसान को जमीन के बदले जमीन दी जाएगी। किसानों को पॉलिसी के तहत प्लॉट भी दिए जाएंगे।
मोहनलाल बड़ौली ने किसानों को आश्वासन दिया कि सीएम नायब सिंह सैनी की स्पष्ट नीति है कि पूरे प्रदेश में एक भी मकान नहीं तोड़ा जाएगा। भाजपा सरकार लोगों को बसाने का काम कर रही है। यह मसला पूर्व की कांग्रेस सरकार का है। इस मौके पर भाजपा जिला अध्यक्ष अशोक भारद्वाज, संघर्ष समिति के प्रधान राजपाल सेवली, रामबीर सिंह, पंडित रामेश्वर कौशिक, रमेश, महा सिंह, मेहर सिंह आदि शामिल थे।
जानिए क्या है 21 वर्ष पुराना मामला ?
सोनीपत शहर में राजीव गांधी एजुकेशन सिटी के लिए 2005 में करीब दो हजार एकड़ जमीन का अधिग्रहण हुआ था। उस समय सरकार ने किसानों को 12 लाख 50 हजार प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा घोषित किया था। किसानों की जमीन पर सरकार ने कब्जा ले लिया था। सड़क के साथ लगते मकानों पर अभी भी किसानों के परिवार रह रहे हैं। इसमें असावरपुर गांव की जमीन भी थी। इस जमीन में कई यूनिवर्सिटी आबाद हैं। इसी जमीन से एक 60 मीटर चौड़ी सड़क के एलाइनमेंट का काम रुका हुआ है।

