No UPI Day : अगर आप कोई सामान लेने के लिए बाजार में जा रहे है तो अपने साथ नकदी लेकर जाए, क्योंकि देश के व्यापारियों ने 2 अक्टूबर को UPI QR कोड, स्कैनर से पेमेंट नहीं लेने का निर्णय लिया है। ऐसे में अगर नकदी नहीं होगी तो आपको सामान खरीदने में परेशानी हो सकती है।
इसलिए अगर आप दो अक्टूबर को खरीदारी करने व दूसरे काम के लिए बाहर जाते है तो जेब में नकदी लेकर ही निकले।
केंद्र सरकार द्वारा 2000 रुपये से अधिक के UPI मर्चेंट भुगतान पर 15 अक्टूबर से MDR लागू किया गया है। जहां पर एमडीआर का भुगतान मर्चेट की तरफ से करना है। सरकार के इस फैसले के विरोध में चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्रीज (CTI) उतर आई है और दो 2 अक्टूबर को ‘नो UPI डे’ मनाने का निर्णय लिया है।
चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्रीज की तरफ से देशभर के सभी संगठनों व दुकानदारों से इस आंदोलन में शामिल होने का आह्वान किया है। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्रीज की तरफ से निर्णय लिया कि दो अक्टूबर को सभी व्यापारी अपने प्रतिष्ठानों पर लगे हुए UPI QR कोड, स्कैनर और साउंड बॉक्स पर काला कपड़ा ढक देंगे और उनके पास आने वाले कस्टमर से नकद ही भुगतान की अपील की जाएगी, ताकि व्यापारी शांतिपूर्ण तरीके से सरकार के इस फैसले का विरोध कर सके।
CTI चेयरमैन बोले, नकदी का प्रचलन बढ़ जाएगा
चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्रीज के चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा कि सरकार द्वारा जो 15 अक्टूबर से एमडीआर का शुल्क लगाया गया है, इसका सीधा असर आम लोगों के साथ यूपीआई पर पड़ने वाला है। क्योंकि सरकार के इस फैसले से नकदी का प्रचलन बढ़ने वाला है।
फिलहाल दिल्ली सहित देश में सभी जगह पर UPI लेनदेन को अपना लिया था और इससे नकदी का प्रचलन काफी कम हो गया था। सरकार के इस नए फैसले के बाद देश के सभी दुकानदारों, व्यापारियों पर अतिरिक्त शुल्क पड़ेगा और फिर से नकदी में लेनदेन का प्रचलन बढ़ जाएगा। अगर सरकार ने समय रहते फैसला वापस नहीं लिया तो UPI पेमेंट में 50% की गिरावट आ सकती है।
संगठन ने वित्त मंत्री से की मांग
चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्रीज की तरफ से केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से आह्वान किया कि यूपीआई पर एमडीआर का जो नया नियम 15 अक्टूबर से लागू होना है, उसको तुरंत प्रभाव से वापस लिया जाए। सरकार के इस फैसले से देशभर के व्यापारियों में भारी गुस्सा बना हुआ है। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्रीज ने दावा किया कि 3000 से भुगतान पर 12 और 50,000 पर 200 तक का चार्ज दुकानदार को देना होगा।
चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्रीज बोली यूपीआई में 50 प्रतिशत की आएगी गिरावट
चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्रीज ने सरकार को चेताया कि यूपीआई की धूम पूरे विश्व में हुई है, लेकिन सरकार के नए फैसले के बाद देश में यूपीआई में 50 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की जाएगी।
CTI का अनुमान है कि चार्ज लगने के बाद 2000 से अधिक के UPI भुगतान में 50% तक की गिरावट आ सकती है। इससे ग्राहक और दुकानदार फिर से नकद लेनदेन की ओर लौटेंगे, जिससे डिजिटल इंडिया और पारदर्शी अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को झटका लगेगा।

