उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की है कि सरकारी स्कूलाें में पढ़ने वाले 10वीं और 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को टैब खरीदने के लिए राशि उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी। इसकी घोषणा मुख्यमंत्री द्वारा युवा विद्यार्थी मंथन कार्यक्रम के दौरान की गई। यह राशि विद्यार्थियों को सीधे लाभ के तौर पर बैंक खातों में दी जाएगी। यानी प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) द्वारा इसका लाभ दिया जाएगा।
दरअसल शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कैंप कार्यालय में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें प्रदेश भर से 140 विद्यार्थियों ने भाग लिया। इन विद्यार्थियों का चयन प्रदेश भर से किया गया था। यहां मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश भर से पहुंचे विद्यार्थियों के साथ सीधा संवाद तो किया ही, साथ ही विकसित उत्तराखंड के निर्माण को लेकर भी चर्चा की।
अब प्रदेश सरकार राज्य भर से पहुंचे विद्यार्थियों के सुझावों को उत्तराखंड के विकास में लागू करेगी। इसी संवाद के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी कहा कि विद्यार्थियों से काफी सुझाव प्राप्त हुए हैं। इसमें से जो भी सुझाव उपयोगी और व्यावहारिक होंगे, उनको सरकार की योजनाओं और नीति-निर्माण से जोड़ने के लिए योजना बनाई जाएगी।
छात्रा बोली फोन या टैब नहीं होने से प्रभावित होती है पढ़ाई
दरअसल मुख्यमंत्री के संवाद के दौरान हरिद्वार स्थित कौशिक पब्लिक स्कूल की छात्रा लवप्रीत कौर भी पहुंची थी। जब छात्रा की बातचीत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ हुई तो उन्होंने कहा कि कुछ परिवारों की आर्थिक स्थिति इतनी अच्छी नहीं होती कि वे लैपटाप, फोन या फिर टैब खरीद सकें। ऐसे में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि 10वीं और 12वीं कक्षा के बच्चों को टैब के लिए धनराशि उनके खातों में दी जाएगी। इससे अब उत्तराखंड के लाखों विद्यार्थियों को लाभ होने जा रहा है।
युवाओं के विचार प्रदेश के विकास को नई दिशा देने में अहम
संवाद कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि युवाओं द्वारा जो विचार प्रस्तुत किए गए हैं, वे प्रदेश के विकास के लिए अहम होंगे। साथ ही नवाचार और ऊर्जा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण सुझाव आए हैं। गौरतलब है कि युवा विद्यार्थी मंथन अभियान में प्रदेश के 2 लाख 67 हजार 744 विद्यार्थियों ने निबंध, विचार और सुझाव सांझा किए हैं। साथ ही विद्यार्थियों ने शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, सड़क, पर्यावरण, खेल, पलायन, स्वरोजगार, स्टार्टअप और ग्रामीण रोजगार जैसे विषयों पर भी अपने सुझाव मुख्यमंत्री को दिए हैं।

