IPS Shruti Arora sucess Story : यूपीएससी पास करना आसान बात नहीं है लेकिन आज हम जिस परिवार के बारे में आपको बताने जा रहे हैं वह हरियाणा में आईपीएस अधिकारियों का गढ़ माना जाता है।
जी हां एक ही परिवार में एक नहीं कई आईपीएस ओर IAS अधिकारी निकलें तो वास्तव में परिवार की सोच कैसी होगी ? उस घर का महिला कैसा था होगा ?
आज की कहानी में हम आपको आइपीएस श्रुति अरोड़ा के परिवार और उनके खुद के बारे में बताने जा रहे हैं ,
जिसके परिवार ने देश को कई बड़े अधिकारी दिए हैं बता दें कि श्रुति अरोड़ा ने हाल ही में चौंतीसवा अपना जन्मदिन मनाया था ।
उन्होंने ऑल इंडिया में 118 में रैंक हासिल की और आईपीएस अधिकारी बनी। श्रुति अरोड़ा एजीएमयूटी केडर के 2018 बैच की आईपीएस अधिकारी है और वह चंडीगढ़ शहर में पुलिस अधीक्षक पद पर भी अपनी सेवाएं दे चुकी है।
श्रुति अरोड़ा कि माँ और मौसी IAS अधिकारी
श्रुति अरोड़ा के परिवार की बात करें जिनकी मां और दो मोसियां आईएएस अधिकारी रह चुकी है और सबसे खास बात तो यह है कि यह तीनों ही हरियाणा में मुख्य सचिव के पद तक पहुंची जो देश में अपनी तरह का एक और सबसे अनूठा मामला है।
बटवारें से पहले पाकिस्तान था परिवार
बता दे कि इस सब के पीछे श्रुति अरोड़ा के नाना जी का बड़ा हाथ है। भारत का विभाजन से पहले वह पाकिस्तान के रावलपिंडी में रहते थे।
लेकिन विभाजन के बाद भारत में आकर बस गए और पंजाब यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर बने।
उन्होंने अपने परिवार की ऐसी नीवं रखी कि उनकी तीनों बेटियां आईएएस अफसर बनी और आगे चलकर हरियाणा के मुख्य सचिव पद तक पहुंची।
वही श्रुति चौधरी जिन्होंने ऑल इंडिया में 118 रैंक प्राप्त किया और 27 जनवरी 2024 को लेह के पुलिस अधीक्षक का पदभार संभाला।
श्रुति चौधरी के बारे में बता दें कि उन्होंने यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट आफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी चंडीगढ़ से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल करते हुए राष्ट्रीय स्तर की तलवारबाज और पेशेवर स्कूनर खिलाड़ी भी रह चुकी है

