अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के तहत हरियाणा में नई क्लस्टर विकसित करने का काम शुरू हो गया है। इस योजना के तहत हरियाणा के हिसार के एयरपोर्ट के पास इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (आईएमसी) विकसित किया जाएगा। जहां पर इसके निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूरा करने की योजना शुरू कर दी है।
इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (आईएमसी) के पहले चरण में 1605 एकड़ में इंफ्रा को खड़ा किया जाएगा और इसके लिए 707 करोड़ रुपये का टेंडर की प्रक्रिया को भी शुरू कर दिया है। आपको बता दे कि टेंडर की प्रक्रिया में दस बड़ी कंपनियों की तरफ से आवेदन किया है। तकनीकी बीड खुलने पर सभी दस एजेंसियां योग्य पाई गई हैं। जमीन पर बुनियादी सुविधाएं तैयार होने के बाद यहां बड़ी संख्या में औद्योगिक इकाइयां स्थापित हो सकेंगी।
हरियाणा के सीएम ने फाइल को दी अंतिम मंजूरी
तकनीकी बीड के सफल होने के बाद अब आगे फाइनेंशियल बीड खोली जाएगी। इसके बाद परियोजना की यह फाइल मुख्यमंत्री कार्यालय में अंतिम अनुमोदन के लिए भेजी जाएगी। मुख्यमंत्री कार्यालय से हरी झंडी मिलते ही आईएमसी क्षेत्र में निर्माण कार्य आरंभ हो जाएंगे। प्रोजेक्ट का टेंडर गत 25 मई को आमंत्रित किया गया था, जिसके बाद अब काम तेजी से आगे बढ़ रहा है।
एनएच 52 और 09 से कनेक्टिविटी और निवेश के साथ रोजगार के अवसर होंगे
हिसार का यह आईएमसी प्रोजेक्ट राष्ट्रीय राजमार्गों एनएच-52 और एनएच-09 की बेहतरीन कनेक्टिविटी के चलते उद्योगों के लिए बेहद मुफीद होगा। एयरपोर्ट के बेहद निकट होने, मजबूत रेल लिंक और लॉजिस्टिक्स हब की मौजूदगी इसे देश के सबसे प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में शुमार करती है।
अनुमान है कि इस परियोजना से क्षेत्र में लगभग 32,417 करोड़ रुपए का भारी-भरकम निवेश आ सकता है, जबकि इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 4,680 करोड़ लागत का अनुमान है। सबसे बड़ा पहलू यह है कि इस औद्योगिक क्रांति के परवान चढ़ने से स्थानीय स्तर पर करीब 1.25 लाख नई नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है।
एयरपोर्ट के पास 2,988 एकड़ में बनाया जाएगा आईएमसी
एयरपोर्ट के निकट कुल 2,988 एकड़ में फैलाए जाने वाले आईएमसी प्रोजेक्ट के पहले चरण में 1,605 एकड़ भूमि पर आधुनिक बुनियादी ढांचे का निर्माण किया जाएगा। मजबूत सड़क नेटवर्क, सीवरेज व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति के लिए पुख्ता इंतजाम, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट एसटीपी, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट डब्ल्यूटीपी, ग्रीनरी, संस्थागत भवन और उन्नत वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम पर मुख्य रूप से काम होगा।

