September 17, 2026
Voice Of Panipat
EducationLatest News

मजदूर की बेटी बनीं कलेक्टर, जानिए कौन है IAS श्रीधन्या सुरेश, जिसने 40 की उधारी से किया सपना साकार

IAS Shridhanya Suresh sucess Story: अक्सर कहते है न कोशिश करने वालों की हार नहीं होती। आज ऐसी ही एक कहानी हम आपको बताने वाले है जो आपको भी जीवन में प्रेणना देने वाली है।

बता दे को UPSC पास करना आसान नहीं है लेकिन जब आप के सामने आर्थिक रूप से परेशानी सामने खड़ी हो जाये तो मुश्किलें डबल हो जाती है। लेकिन iAS श्रीधन्या सुरेश हार मानने वालों में नहीं थी। बेसक उनका बचपन बेहद अभावों में बीता था. लेकिन उनकी मेहनत और लग्न ने उनका जीवन बदल दिया।


मनरेगा में मजदूरी करते थे पिता

बता दे की IAS श्रीधन्या सुरेश का बचपन गरीबी में बिता था। माता-पिता केरल के वायनाड में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत दिहाड़ी मजदूरी करते थे. इसके अलावा कई अन्य कार्य वो पेट पलने के लिए करते थे।

बचपन में श्रीधन्या सुरेश के लिए IAS बनना सपना एक महज सपना ही था। लेकिन इन सभी मुश्किलों को मात देते हुए वायनाड जिले के पोजुथाना गांव स्थित सरकारी स्कूल से अपनी शुरुआती पढ़ाई पूरी की और फिर कालीकट के सेंट जोसेफ कॉलेज से जूलॉजी में उच्च शिक्षा हासिल की. काफी तकलीफों के बाद भी उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी राखी थी

तीसरे प्रयास में मिली सफलता

अधिक जानकारी के लिए बता दे की UPSC में श्रीधन्या सुरेश को यह सफलता अपने तीसरे प्रयास में, महज 22 वर्ष की उम्र में मिली थी. वहीँ UPSC-2018 में श्रीधन्या सुरेश ने अखिल भारतीय स्तर पर 410वीं रैंक हासिल की और उन्हें होम कैडर केरल आवंटित हुआ.

केरल में कासरगोड की जिलाधिकारी बनने से पहले श्रीधन्या सुरेश कोझीकोड में सहायक जिला कलेक्टर के पद पर भी अपनी सेवाएं दे चुकी हैं

40 हजार की उधारी से किया सपना साकार

अधिक जानकारी के लिए बता दे की केरल की कुरिचिया जनजाति से ताल्लुक रखने वालीं IAS श्रीधन्या सुरेश के पैतृक गांव का नाम पोजुथाना है. श्रीधन्या सुरेश ने पहले वार्डन की नौकरी की थी बाद में इसे नौकरी छोड़ दी और पूरे मनोयोग से UPSC की तैयारी में जुट गईं.

लेकिन मुश्किलें अभी भी रास्ता रिके खड़ी थी। दिन-रात कड़ी मेहनत करके उन्होंने UPSC की प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा तो पास कर ली, लेकिन इंटरव्यू देने के लिए दिल्ली स्थित UPSC कार्यालय पहुंचने तक का पैसा नहीं था. जब यह बात उनके दोस्तों को पता चली, तो उन्होंने आपस में मिलकर उनके लिए 40 हजार रूपए एकत्रित किये और श्रीधन्या सुरेश को इंटरव्यू के लिए दिल्ली भेजा.

Related posts

सरकार ने जारी किए आदेश, Group-D कर्मचारियों की होगी जॉइनिंग

Voice of Panipat

WHATSAPP पर USERNAME लाने पर रोक , पहले जांच होगी

Voice of Panipat

चेत्र नवरात्रि आज से शुरू, घटस्थापना के लिए बस इतनी देर का शुभ मुहूर्त

Voice of Panipat

Leave a Comment