निजी कोचिंग सेंटरों की मनमानी पर शिकंजा कसने के लिए हरियाणा सरकार की तरफ से तैयारी कर ली है। अब निजी कोचिंग सेंटर विद्यार्थियों से मनमानी फीस नहीं वसूल सकेंगे और फर्जी विज्ञापनों के माध्यम से टॉपर दिखाने पर भी शिकंजा कसा जाएगा।
हरियाणा में बहुतायत खुल रहे निजी कोचिंग सेंटरों की मनमानी, अवैध रूप से वसूली जा रही मोटी फीस और विज्ञापनों में फर्जी टॉपर्स दिखाकर छात्रों को ठगने के खेल पर अब अंकुश लगने जा रहा है। सरकार के हरियाणा निजी कोचिंग संस्थान पंजीकरण और विनियमन अधिनियम, 2024 तथा हरियाणा निजी कोचिंग संस्थान नियम, 2026 के तहत अब जिले के सभी निजी कोचिंग संस्थानों को अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराना होगा। बिना रजिस्ट्रेशन सेंटर चलाने या नियम तोड़ने पर जुर्माना और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश एसीएस ने प्रदेश के सभी डीसी की वीसी लेकर दिए गए हैं।
सख्ती का विद्यार्थियों व अभिभावकों को होगा फायदा
यदि छात्र पढ़ाई के स्तर से संतुष्ट नहीं है या किसी कारणवश पढ़ाई छोड़ता है तो रिफंड नीति के तहत फीस वापस मिल सकेगी। पढ़ाई के बढ़ते दबाव व डिप्रेशन को देखते हुए हर कोचिंग सेंटर में कम से कम 1 प्रोफेशनल काउंसलर की नियुक्ति अनिवार्य की गई है। अग्निशमन सुरक्षा उपकरण, प्राथमिक चिकित्सा, शुद्ध पेयजल, छात्राओं के लिए अलग टॉयलेट और वाहनों के लिए पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।
प्रॉस्पेक्ट्स में बतानी होगी फीस, रिफंड पॉलिसी और बैच की क्षमता
अब कोई भी कोचिंग संस्थान गुप्त तरीके से मनमानी फीस नहीं वसूल सकेगा और न ही छात्रों को बीच में पढ़ाई छोड़ने पर नुकसान उठाना पड़ेगा। हर संस्थान को अपना पारदर्शी प्रॉस्पेक्ट्स जारी करना होगा, जिसमें कुल ट्यूशन फीस कितनी है तथा यदि कोई छात्र बीच में कोचिंग छोड़ता है तो किस आधार पर कितनी फीस वापस की जाएगी, इसका स्पष्ट उल्लेख होगा।
बैच कब शुरू होकर कब खत्म होगा तथा एक क्लासरूम में अधिकतम कितने विद्यार्थियों को बैठाया जाएगा, इसकी स्पष्ट जानकारी देनी होगी। समाचार पत्रों, होर्डिंग्स या डिजिटल मीडिया पर दूसरे शहरों के टॉपर्स की फोटो लगाकर या झूठे परिणाम दिखाकर प्रचार करने वाले संस्थानों पर कार्रवाई होगी।
हिसार में चल रहे कई कोचिंग सेंटरों में सुरक्षा राम भरोसे
हिसार के रेड स्क्वायर मार्केट, बस स्टैंड रोड, अर्बन एस्टेट, पीएलए, ऋषि नगर और मॉडल टाउन जैसे मुख्य व्यावसायिक इलाकों में सैकड़ों की संख्या में छोटे-बड़े कोचिंग सेंटर संचालित हो रहे हैं। इनमें से अधिकांश सेंटरों के पास न तो आपातकालीन निकास है और न ही फायर सेफ्टी एनओसी।
इसके अलावा अपनी पार्किंग न होने के कारण हजारों छात्रों की साइकिलें और दोपहिया वाहन मुख्य सड़कों पर बेतरतीब खड़े रहते हैं, जिससे दिनभर शहर में जाम की स्थिति बनी रहती है। नए नियमों के सख्ती से लागू होने के बाद इन इलाकों में बिना मानकों के चल रहे सेंटरों पर सीधे ताले लटक सकते हैं।

