हरियाणा के हिसार जिले के लोगों के एक अच्छी खबर सामने आई है। यहां स्वास्थ्य सुविधाओं के बुनियादी ढांचे को मजबूत और आधुनिक स्वरूप देने की दिशा में सराहनीय पहल करते हुए कंडम घोषित हो चुके पुराने टीबी अस्पताल की जगह पर अब 5 मंजिला अत्याधुनिक नया अस्पताल परिसर विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
चीफ इंजीनियर संदीप बाना ने बताया कि संरक्षित स्मारक गुजरी महल के 100 से 300 मीटर के नो-कंस्ट्रक्शन जोन को लेकर उपजी आपत्तियों के बाद स्वास्थ्य विभाग व लोक निर्माण विभाग (PWD) ने स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। टीबी अस्पताल की मुख्य साइट गुजरी महल के 300 मीटर नो-कंस्ट्रक्शन जोन की सीमा से बाहर है।
एक छत के नीचे मिलेगी कई स्वास्थ्य सेवाएं
उन्होंने बताया कि PWD मंत्री रणबीर गंगवा के अथक प्रयासों से पुराने टीबी अस्पताल की जगह पर आधुनिक 100 बेड का टीबी अस्पताल और 50 बेड का क्रिटिकल केयर यूनिट स्थापित किया जाएगा। टीबी और पल्मोनरी मरीजों के लिए विशेष आइसोलेशन व उपचार वार्ड बनाया जाएगा।
वहीं, 50 बेड के क्रिटिकल केयर यूनिट में गंभीर मरीजों के लिए वेंटिलेटर एवं हाईटेक लाइफ सपोर्ट सिस्टम दिया जाएगा। साथ ही यहां अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक सेंटर बनेगा, जिसमें सीटी स्कैन, ऑटोमेटेड लैब, माइक्रोबायोलॉजी आदि सुविधाओं का लाभ एक ही छत के नीचे मिलेगा।
हिसार के लोगों को मिलेगा फायदा
टीबी और गंभीर बीमारियों के मरीजों को तुरंत इलाज की सुविधा मिलेगी। आधुनिक सीटी स्कैन व माइक्रोबायोलॉजी जांच के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। एमरजेंसी व गंभीर मरीजों को समय पर बेहतर इलाज मिलेगा जिससे उनकी जिंदगी बचाना आसान हो जाएगा। जयपुर, दिल्ली, चंडीगढ़ और रोहतक जैसे बड़े शहरों के अस्पतालों से निर्भरता कम होगी। हिसार का स्वास्थ्य ढांचा और ज्यादा आत्मनिर्भर और आधुनिक बनेगा, जिससे मरीजों को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा।

