वॉयस ऑफ पानीपत ( श्रद्धा गुप्ता ) – पानीपत के मोडल टाऊन का एक रोड एक्सिडेंट जहां जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के अनोखे फैसले ने सबको सजा के नाम पर सीखाई जाने वाली ज़िम्मेदारी का पाठ सिखाया है । वहीं ज़रूरी बात है कि कम उम्र आपको गलती करने का लाइसेंस नही देती । 2024 का एक रोड एक्सिडेट जहां आरोपी नाबालिक था औऱ जिस कारण ये केस जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के पास गया औऱ उसी पर फैसला सुनाते हुए बोर्ड के प्रिंसिपल मैजिस्ट्रेट पुनित लिंबा ने कहा कि हम सजा के तौर पर नाबालिक को 3 महीने ट्रैफिक पुलिस के साथ डयूटी पर रखेंगे ताकि वह नियमों को समझ सके औऱ ज़िम्मेदार बन सके ।
प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट ने जिला के सभी अभिभावकों से बेहद भावुक अपील करते हुए कहा कि वे अपने नाबालिग बच्चों को गाड़ियां या बाइक न चलाने दें । उन्होंने कहा बच्चों को वाहन की चाबी देने से पहले अभिभावकों को यह सोचना चाहिए कि वे अपने बच्चे के साथ-साथ सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों की जिंदगी को भी खतरे में डाल रहे हैं । कोर्ट के इस फैसले से समाज में यह कड़ा संदेश गया है कि नाबालिग होना नियमों की अनदेखी का लाइसेंस नहीं है । विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों को केवल सजा देने से बेहतर है कि उन्हें समझाकर सही दिशा दी जाए । इसके लिए स्कूलों, अभिभावकों और प्रशासन को मिलकर बच्चों में सड़क सुरक्षा की संस्कृति विकसित करने की जरूरत है ।
TEAM VOICE OF PANIPAT

