Solar Panel: बढ़ते बिजली बिल से परेशान परिवारों के लिए रूफटॉप सोलर एक बड़ा विकल्प बनकर उभर रहा है। इसी दिशा में तमिलनाडु सरकार ने अपने पहले बजट में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को बढ़ावा देने के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। सरकार घरों की छत पर सोलर पैनल लगाने वाले लाभार्थियों को केंद्र की सब्सिडी के अलावा 1 लाख रुपये तक की अतिरिक्त वित्तीय सहायता देगी।
जुलाई 2026 तक तमिलनाडु में करीब 316 मेगावाट रूफटॉप सोलर क्षमता स्थापित हो चुकी है और लगभग 1.03 लाख घरों में सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं। हालांकि, रूफटॉप सोलर क्षमता के मामले में तमिलनाडु अभी महाराष्ट्र, गुजरात और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों से पीछे है। Solar Panel
केंद्र के बाद अब राज्य सरकार भी देगी सब्सिडी
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत केंद्र सरकार घरों पर सोलर सिस्टम लगाने के लिए सब्सिडी देती है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 1 किलोवाट सिस्टम पर 30,000 रुपये और 2 किलोवाट तक के सिस्टम पर 60,000 रुपये तक की केंद्रीय सहायता मिलती है। Solar Panel
वहीं, 3 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता वाले सिस्टम पर केंद्र की अधिकतम सब्सिडी 78,000 रुपये तक हो सकती है। अब तमिलनाडु सरकार की अतिरिक्त वित्तीय सहायता जुड़ने से पात्र परिवारों के लिए शुरुआती लागत और कम हो सकती है। Solar Panel
3 किलोवाट सिस्टम पर ऐसे समझें फायदा
मान लीजिए 3 किलोवाट के रूफटॉप सोलर सिस्टम की कुल कीमत ₹1.50 लाख है। अगर केंद्र और राज्य सरकार से मिलाकर कुल 1 लाख रुपये तक की सब्सिडी मिलती है, तो परिवार को अपनी जेब से करीब 50,000 रुपये खर्च करने होंगे। Solar Panel
इसी तरह अगर सिस्टम की लागत 1.80 लाख रुपये है और कुल सब्सिडी 1 लाख रुपये मिलती है, तो लाभार्थी को करीब 80,000 रुपये का खर्च वहन करना होगा।
3 किलोवाट का सोलर सिस्टम सामान्य परिवार की बिजली जरूरतों के एक बड़े हिस्से को पूरा करने में मदद कर सकता है। इससे हर महीने बिजली के बिल में बचत हो सकती है और समय के साथ सोलर सिस्टम पर किया गया शुरुआती निवेश भी वसूल हो सकता है। Solar Panel
50 हजार रुपये के लोन पर कितनी EMI?
अगर सब्सिडी मिलने के बाद परिवार को 3 किलोवाट सिस्टम के लिए 50,000 रुपये का लोन लेना पड़ता है, तो EMI ब्याज दर और अवधि पर निर्भर करेगी। उदाहरण के लिए 9 फीसदी सालाना ब्याज की दर मानें तो 5 साल (60 महीने) के लिए करीब 1,040 रुपये प्रति माह, 7 साल (84 महीने) के लिए करीब 800 रुपये प्रति माह, 8 साल (96 महीने) के लिए करीब 696-700 रुपये प्रति माह किस्त देनी होगी।
इस तरह लंबी अवधि में लोन लेने पर मासिक किस्त करीब ₹700 तक हो सकती है। कई परिवारों के लिए यह रकम मौजूदा बिजली बिल के मुकाबले कम या उसके आसपास हो सकती है।
कौन ले सकता है पीएम सूर्य घर योजना का लाभ?
योजना का लाभ लेने के लिए घर और बिजली कनेक्शन लाभार्थी के नाम पर होना जरूरी है। इसके अलावा घर की छत पर सरकार से स्वीकृत ग्रिड से जुड़े ऑन-ग्रिड सोलर सिस्टम को स्थापित करना होगा।
सोलर पैनल और अन्य उपकरण निर्धारित मानकों के अनुरूप होने चाहिए। केवल बैटरी आधारित या पूरी तरह ऑफ-ग्रिड सोलर सिस्टम पर केंद्र सरकार की इस योजना के तहत सब्सिडी नहीं मिलती।
आसान आवेदन प्रक्रिया से बढ़ सकते हैं लाभार्थी
सोलर क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि सब्सिडी के साथ-साथ आवेदन और मंजूरी की प्रक्रिया को भी आसान बनाना जरूरी है। यदि लोगों को कम कागजी कार्रवाई में जल्दी स्वीकृति मिलती है, तो अधिक परिवार रूफटॉप सोलर अपनाने के लिए आगे आ सकते हैं।
केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त वित्तीय सहायता से शुरुआती लागत कम होने पर तमिलनाडु में रूफटॉप सोलर की पहुंच बढ़ने की उम्मीद है। इससे न केवल परिवारों के बिजली खर्च में कमी आ सकती है, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा के इस्तेमाल को भी बढ़ावा मिलेगा।

