EPFO latest Updates : केंद्र सरकार ने प्राइवेट कंपनियों में नौकरी करने वाले कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा प्राइवेट कर्मचारियों की वेज सीलिंग को 15000 रुपये से बढ़ाकर 25000 रुपये कर दी है। केंद्र सरकार के पास पर इनपुट पहुंच रहे थे कि कंपनियां कर्मचारियों की सैलरी में कटौती कर सकती है।
जहां पर विशेषज्ञों का अनुमान था कि कर्मचारियों की सैलरी में कटौती देखने को मिलेगी। इस मामले को केंद्र सरकार के श्रम एंव रोजगार मंत्रालय ने गंभीरता से लिया और कंपनियों को निर्देश जारी किए नए नियमों के लागू होने के बाद कानूनी तौर पर तय सैलरी की सीमा में कोई भी कटौती नहीं की जाए। केंद्र सरकार के फैसले के बाद 1 करोड़ नए EPFO सब्सक्राइबर्स को अब इसका फायदा मिलेगा।
क्या कुछ कहा है मंत्रालय
केंद्रीय मंत्रालय ने निर्देश दिए है कि कर्मचारियों की संतुष्टि, बेहतर ह्यूमत रिसोर्से को बढ़ाना के लिए यह कदम उठाया गया है। कंपनियां कानूनी तौर पर योगदान करके CTC में शामिल कराके कर्मचारियों की सैलरी में इसकी कटौती को नहीं माना जा सकता है।’ मिनिस्ट्री ने निर्देश में कहा है कि इस नए नियम से प्रभावी होने वाले कर्मचारियों की कंपनियां समीक्षा शुरू करें। नए पे साइकल का इंतजार ना किया जाए।
मिनिस्ट्री ने साफ किया कि नियोक्ता का योगदान सही तरीके से किया जाए। साथ ही कानून लागू होने के बाद कर्मचारियों की सैलरी में कटौती ना की जाए। बता दें, हालांकि, मंत्रालय ने इस बात को माना है कि कानून के लागू होने के बाद एप्लॉयर की लागत यानी खर्च में इजाफा होगा।
आपकों बता दे कि हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा प्राइवेट कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों की वेज सीलिंग को 15000 रुपये से बढ़ाकर 25000 रुपये कर दिया है। इसके बाद मार्केट में चर्चा आम हो गई थी कि इससे कर्मचारियों को फायदा नहीं होने वाला, क्योंकि कंपनियों द्वारा सैलरी में कटौती कर देगी और इससे कर्मचारियों को ही नुकसान होने वाला है। यह चर्चाएं सामने आने के बाद श्रम एंव रोजगार मंत्रालय ने नियोक्ताओं (कंपनियों) को निर्देश दिया है कि नए नियमों के लागू होने के बाद कानूनी तौर पर तय सैलरी की सीमा में कोई भी कटौती ना हो।
ज्यादा मिलेगा फायदा
केंद्रीय मंत्रालय की तरफ से कहा गया है कि प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत हर नई नौकरी पर मिलने वाले 3000 रुपये की सहयोग राशि से नियोक्ता अपना बोझ कुछ कम कर सकते हैं। इस नए नियम के लागू होने के बाद इन हैंड सैलरी कम होने पर मिनिस्ट्री ने कहा कि वेतन सीमा बढ़ने से EPF में जो कटौती होगी उस पर लगातार बेहतर ब्याज का फायदा मिलेगा। इसके अलावा गारंटीड पेंशन और मुफ्त इंश्योरेंस की भी सुविधा कर्मचारियों को मिलेगी।

