हरियाणा सरकार की तरफ से अनाज भंडार के लिए नए स्टील साईलो गोदाम बनाए जा रहे है, ताकि लंबे समय तक अन्न का भंडारण रह सके। इसी कड़ी में हरियाणा सरकार की तरफ से अंबाला शाहाबाद बेल्ट में 100 एकड़ में नया स्टील साईलो गोदाम बनाने का निर्णय लिया है।
इसके लिए हरियाणा सरकार की तरफ से 100 एकड़ जमीन की तलाश की जा रही है, ताकि हरियाणा के अंबाला के साथ आसपास के जिलों के अनाज को इस स्टील साईलो गोदाम में भंडारण किया जा सके। यह जानकारी सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो के चेयरमैन मोहनलाल कौशिक ने दी। कौशिक ने कहा कि अम्बाला शाहबाद बेल्ट पर किसानों के अनाज भण्डारण सुविधा के लिए 100 एकड़ भूखण्ड पर स्टील साईलो गोदाम बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
जिसे जल्द ही क्रियान्वित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसी तरह का गोदाम यमुनानगर में बनाया जा रहा है और इसका काम तेजी से किया जा रहा है। सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो के चेयरमैन मोहनलाल कौशिक ने हरियाणा राज्य वेयर हाउसिंग कारपोरेशन की प्रगति की समीक्षा की।
उन्होंने कहा कि साईलो गोदामों में अनाज नवीनतम तकनीकी से भंडारण किया जाता है जो पूर्ण रूप से सुरक्षित रहता है। इसलिए सरकार द्वारा साईलो गोदाम बनाने पर विशेष बल दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों का अधिक से अधिक अनाज लम्बे समय तक सुरक्षित रहे। इसके लिए सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं।
चेयरमैन ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा इस वर्ष बजट में लगभग 3 लाख मिट्रिक टन क्षमता के अनाज का भण्डारण करने के लिए गोदाम बनाने की घोषणा की थी। इस पर निगम द्वारा तेजी से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि निगम द्वारा 180.05 करोड़ रुपए की लागत से 2 लाख 30 हजार 508 एमटी के नए गोदाम बनाने तथा एक लाख 43 हजार 664 एमटी के गोदामों का नवीनीकरण करने की योजना तैयार की गई है। इस पर 110.68 करोड़ रुपए की राशि खर्च की जाएगी। इस प्रकार 290.73 करोड़ रुपए की राशि नए गोदाम बनाने और पुराने गोदामों के जीर्णोद्वार पर खर्च की जा रही है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए है कि वे प्रदेश के गोदामों का पाक्षिक एवं मासिक निरीक्षण सुनिश्चित करें ताकि अनाज को सुरक्षित रखा जा सके और एक भी दाना खराब न हो। उन्होंने कहा कि हरियाणा का किसान केन्द्रीय पूल में अन्य राज्यों की अपेक्षा अधिक अनाज भेजने का कार्य करता है।
कौशिक ने बताया कि निगम द्वारा गत वर्ष प्रदेश की 86 मंडियों के माध्यम से 10.32 लाख मिट्रिक टन धान की एमएसपी पर खरीद की गई। इसके अलावा पिछले सालों में बाजरा एवं गेहूं की भी खरीद की गई। उन्होंने बताया कि 124 स्थलों पर 28.30 लाख एमटी क्षमता के गोदामों में अनाज का भंडारण किया जा रहा है। इसमें 19.15 लाख एमटी निगम के गोदाम तथा 5.45 लाख एमटी प्राईवेट गोदाम शामिल है।

