हरियाणा सरकार (Haryana Sarkar) ने प्रदेश के आंगनवाड़ी केंद्रों को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब प्राथमिक विद्यालयों की तर्ज पर आंगनवाड़ी केंद्रों में भी आंगनवाड़ी प्रबंधन समितियां (AMC) का गठन किया जाएगा।
Haryana महिला एवं बाल विकास विभाग निदेशक प्रियंका सोनी ने कहा कि “केंद्र सरकार के निर्देश पर सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में आंगनवाड़ी प्रबंधन समितियों के गठन के निर्देश दिए गए हैं। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की निगरानी तथा उनके बेहतर क्रियान्वयन में ये समितियां महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।”
इससे जुड़ी मुख्य बातें:
- 25,962 केंद्रों में गठन: प्रदेश के सभी 25,962 आंगनवाड़ी केंद्रों में 7-सदस्यीय समितियां गठित की जाएंगी।
- केवल महिलाएं होंगी शामिल: समिति में सभी सदस्य महिलाएं होंगी।
- नियमित बैठकें: हर दो माह में समिति की बैठक आयोजित करना अनिवार्य होगा।
- मिशन सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण-2.0: यह पहल केंद्र सरकार के ‘मिशन सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण-2.0’ के निर्देशों के तहत की जा रही है।
समिति का ढांचा (7 महिला सदस्य): - अध्यक्ष: संबंधित आंगनवाड़ी सुपरवाइजर।
- सदस्य-सह-संयोजिका: आंगनवाड़ी कार्यकर्ता।
- माताएं (2): 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के पंजीकृत बच्चों की दो माताएं।
- आशा वर्कर: स्थानीय आशा वर्कर।
- स्वयं सहायता समूह: स्थानीय SHG की एक महिला सदस्य।
- शिक्षक: पास के प्राथमिक विद्यालय की एक महिला शिक्षिका।
समिति की मुख्य जिम्मेदारियां: - निगरानी एवं गुणवत्ता: भोजन की गुणवत्ता पर नजर रखना, योजनाओं के क्रियान्वयन और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना।
- कुपोषण पर लगाम: कुपोषित बच्चों की पहचान और उनकी विशेष देखभाल सुनिश्चित करना।
- टीकाकरण एवं शिक्षा: बच्चों के टीकाकरण और शुरुआती शिक्षा को बढ़ावा देना।
- संसाधन जुटाना: स्थानीय परिवारों और समुदाय के सहयोग से खिलौने, कपड़े और शिशु देखभाल सामग्री जुटाना व जरूरतमंद बच्चों तक पहुंचाना।
- पोषण वाटिका: केंद्रों में पोषण वाटिकाएं विकसित करना।

