Success Story: हर साल देशभर से लाखों युवा UPSC की सिविल सेवा परीक्षा में शामिल होते है। अलग-अलग राज्यों से युवा इस कठिन परीक्षा को क्रैक करने के लिए अपनी किस्मत आजमाते है, लेकिन कड़ी मेहनत के बाद भी कई बार हार का सामना करना पड़ता है।
इस परीक्षा में असफल होने के बाद बहुत से लोग हार मान लेते है, और अपने सपनों को छोड़कर राह बदल लेते है। मगर सिविल सर्वेंट आशना चौधरी ने ऐसा नहीं किया। यूपीएससी में दो बार असफल होने के बावजूद उन्होनें हार नहीं मानी बल्कि रात दिन मेहनत कर अपना मुकाम हासिल किया।
कौन है IPS Aashna Chaudhary ?
आशना चौधरी उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के छोटे से कस्बे पिलखुआ की रहने वाली हैं। उनके पिता डॉ अजीत सिंह एक सरकारी कॉलेज में प्रोफेसर हैं और उनकी मां इंदु सिंह गृहिणी हैं।
आशना की शुरुआती पढ़ाई पिलखुवा के ही सेंट जेवियर्स स्कूल से हुई। इसके बाद उदयपुर के स्कूल से उनकी पढ़ाई हुई। 12वीं के बाद आशना ने दिल्ली के लेडी श्री राम कॉलेज फॉर वुमन से इंग्लिश लिटरेचर में ग्रेजुएशन किया है।
घरवालों की सलाह पर शुरू की यूपीएससी की तैयारी
बाद में साउथ एशियन यूनिवर्सिटी से इंटरनेशनल रिलेशन में मास्टर्स किया। इसके साथ ही उन्होंने एक एनजीओ के साथ भी काम किया था। आशना ग्रेजुएशन के बाद ब्रेक लेना चाहती थीं, मगर परिवार वालों ने यूपीएससी की तैयारी करने की सलाह दी। जिसके बाद आशना ने 2019 से UPSC की तैयारी शुरू कर दी।
दो बार UPSC में फेल हुई आशना
आशना चौधरी ने 2020 में पहली बार यूपीएससी परीक्षा दी। लेकिन वे अपने पहले प्रयास में प्रीलिम्स परीक्षा भी पास नहीं कर पाईं थीं। मगर हिम्मत न हारते हुए उन्होंने अगले साल 2021 में अपना दूसरा यूपीएससी अटेंप्ट दिया।
लेकिन इस बार भी कुछ एक अंकों से वे प्रीलिम्स परीक्षा पास करने से चूक गईं। दो बार असफल होने से वह बहुत निराश हुईं, लेकिन इस दौरान उनके परिवार ने उनका साथ दिया और उनकी हिम्मत बढ़ाई।
तीसरे प्रयास में पास किया UPSC
आशना चौधरी ने 2022 में अपना तीसरा अटेंप्ट दिया और उन्हें बड़ी सफलता मिली। उन्होनें यूपीएससी ने 116वां रैंक हासिल किया और वह IPS ऑफिसर बनी। आशना चौधरी सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव रहती हैं। वह अक्सर इंस्टाग्राम पर अपनी तस्वीरें शेयर करती रहती हैं। उन्हें लाखों की संख्या में लोग सोशल मीडिया पर फॉलो करते है।

