हरियाणा में सड़कों और बाजारों में घूम रहे बेसहारा गौवंश की समस्या से निपटने के लिए प्रदेश सरकार ने सख्त अभियान छेड़ दिया है। इस अभियान के तहत उन लोगों से सख्ती से निपटा जाएगा जो दूध निकालने के बाद गौवंश को बाहर खुला छोड़ देते हैं।
जुर्माना और FIR
यदि सड़कों पर किसी का पशु पहली बार पकड़ा जाता है तो 11 हजार रुपए और दूसरी बार पकड़े जाने पर 21 हजार रुपए जुर्माना वसूल किया जाएगा। वहीं, तीसरी बार पकड़े जाने पर उक्त पशु के मालिक के खिलाफ FIR दर्ज की जाएगी। इसके साथ ही ऐसे पशुपालकों को सरकार की ओर से पशुओं के लिए दी जाने वाली सुविधाओं जैसे वैक्सीनेशन और इंश्योरेंस प्रीमियम से वंचित करने तथा उनका नाम नेगेटिव लिस्ट में डालने जैसे सख्त कदम उठाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया प्रस्ताव
बता दें कि बुधवार को मुख्यमंत्री नायब सैनी की अध्यक्षता में गोसेवा आयोग और पशुपालन विभाग की समीक्षा बैठक बुलाई गई थी जिसमें अधिकारियों ने इस प्रस्ताव को रखा था। मुख्यमंत्री ने इस प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए कहा कि बेसहारा गोवंश सड़कों पर नजर नहीं आने चाहिए और ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्ती से निपटने की तैयारी करते हुए नए प्रविधान लागू किए जाने चाहिए।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए तथा प्रत्येक पशु की टैगिंग सुनिश्चित की जाए। पशुओं की पहचान सुनिश्चित होने से यदि किसी घर या गोशाला से पशु बाहर आता है तो संबंधित पशुपालक की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई की जा सकेगी। पकड़े गए पशुओं को निर्धारित कार्रवाई किए बिना वापस नहीं किया जाना चाहिए।

