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September 27, 2026
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हरियाणा में इन कर्मचारियों की नौकरी होगी पक्की, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद एक्शन मोड में सरकार

हरियाणा में इन कर्मचारियों की नौकरी होगी पक्की, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद एक्शन मोड में सरकार

हरियाणा के कच्चे कर्मचारियों अब पक्का किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद प्रदेश सरकार एक्शन मोड में आ गई है। सुप्रीम कोर्ट के 16 अप्रैल 2026 के आदेश के बाद हरियाणा में 2014 की नियमितीकरण नीतियों के तहत करीब 5 हजार संविदा कर्मचारियों को पक्का करने का फैसला किया गया है।

इसी के चलते अब नियम शर्त पूरी करने वाले कर्मचारियों को नियमित करना का रास्ता खुल गया है। मानव संसाधन विभाग ने सभी विभागों को निर्देश दिए है कि वह ऐसे कर्मचारियों की पहचान कर पात्रता जांचने और शर्ते पूरी होने पर नियमितीकरण के आदेश जारी करें।

बता दें कि प्रदेश में भूपेंद्र सिंह हुड्डा की सरकार के कार्यकाल के दौरान 16 जून और 18 जून 2014 को नियमितीकरण नीतियों के तहत संविदा कर्मचारियों को नियमित किया जाना था।

इसको लेकर प्रक्रिया भी शुरू हो गई थी, लेकिन तभी विधानसभा चुनाव हो गए और चुनाव के कारण प्रक्रिया पूरी न हो सकी। इसके बाद इन कर्मचारियों में छटनी की तलवार लटक गई। लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट ने दोनों नीतियों को वैध ठहराया है, जिसके बाद प्रदेश सरकार ने इनके पात्र कर्मचारियों के मामलों की जांच के निर्देश दिए है।

हरियाणा सरकार के मानव संसाधन विभाग (Human Resources Department) ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा 16 अप्रैल 2026 को सुनाए गए फैसले के बाद राज्य के विभिन्न विभागों में कार्यरत अनुबंध (Contractual) और तदर्थ (Ad-hoc) कर्मचारियों को लेकर बड़ा फैसला किया है।

बीते 11 अगस्त 2026 को मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा इसको लेकर एक महत्वपूर्ण पत्र जारी किया। जिसमें योग्य कर्मचारियों के नियमितीकरण (Regularization) और उनके सेवा संबंधी लाभों को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

ये है दिशा- निर्देश

2014 की नियमितीकरण नीतियों पर मुहर: सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुरूप, सरकार ने 16 जून 2014 और 18 जून 2014 की पॉलिसी के तहत पात्र ग्रुप-बी, सी और डी के कर्मचारियों की सेवाओं को पक्का (Regularize) करने की प्रक्रिया शुरू करने का फैसला लिया है।

पात्रता मानदंड: वे कर्मचारी जो 28 मई 2014 तक स्वीकृत रिक्त पदों (Sanctioned Vacant Posts) पर कम से कम 3 साल पूरे कर चुके थे, आवश्यक योग्यता रखते हैं और वर्तमान में भी सेवा में हैं, उनकी पात्रता की जांच कर नियमितीकरण के आदेश दिए जाएंगे।

पदोन्नति और सेवा लाभों की बहाली: जून 2020, जून 2024 और दिसंबर 2024 में जारी पुरानी रोक/निर्देशों को तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया गया है। नियमित हुए कर्मचारियों को उनकी पात्रता की तिथि से पदोन्नति और अन्य सभी परिणामी सेवा लाभ जारी किए जाएंगे।

7 जुलाई 2014 की पॉलिसी रद्द, लेकिन नौकरी सुरक्षित: सुप्रीम कोर्ट द्वारा 7 जुलाई 2014 की नियमितीकरण नीतियों को रद्द करने के निर्णय के तहत, उन कर्मचारियों को नौकरी से हटाया नहीं जाएगा जो वर्तमान में सेवा में बने हुए हैं। हालांकि, उन्हें उनके पद के न्यूनतम वेतनमान (Lowest Pay Scale) पर रखा जाएगा।

समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश: सरकार ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडल आयुक्तों, उपायुक्तों और विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों को निर्देश दिए हैं कि वे तुरंत सभी योग्य कर्मचारियों की पहचान करें और सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार सत्यापन के बाद पक्का करने के आदेश जारी करें।

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