Bhopal-Lucknow Expressway : केंद्र सरकार द्वारा राज्यों की कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए नए एक्सप्रेस हाईवे का निर्माण किया जा रहा है। जहां नए एक्सप्रेस हाईवे के निर्माण के बाद एक राज्य से दूसरे राज्य में जाना आसान हो गया है और समय भी बहुत ही कम लग रहा है। इसी कड़ी में केंद्र सरकार द्वारा यूपी व एमपी राज्य की राजधानी को सीधे जोड़ने के लिए मेगा एक्सप्रेसवे की मंजूरी दी है।
यह मेगा एक्सप्रेसवे भोपाल-लखनऊ के बीच में बनेगा और इस हाईवे को भोपाल-एक्सप्रेसवे हाई स्पीड नाम दिया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की तरफ से इसका पूरा प्रोजोजल बना लिया है। यह हाईवे दोनों ही राज्यों के आठ बड़े शहरों को सीधा जोड़ेगा और देश की राजधानी से भी दूसरे हाईवे के माध्यम से सीधे कनेक्ट हो जाएगा।
एमपी और यूपी दोनों राज्यों में अलग-अलग खंडों में इसका काम चल रहा है। जहां पर फिलहाल भूमि अधिग्रहण का काम खंड के हिसाब से चल रहा है। जहां पर किसानों को जमीन अधिग्रहण के बदले में नोटों की बारिश होने वाली है। एनएचएआई के अनुसार फिलहाल लखनऊ से भोपाल जाने के लिए वाहन चालकों को 14 घंटे का समय लगता है, लेकिन इसके निर्माण पूरा होने के बाद 7 घंटे में सफर तय हो जाएगा। यह प्रोजेक्ट करीब 600 किलोमीटर लंबा है, जिसके लिए टेंडर प्रक्रिया अब शुरू होने जा रही है।
हाईस्पीड कनेक्टिविटी से जुड़ जाएंगे भोपाल व लखनऊ
केंद्र सरकार के अनुसार भोपाल से लखनऊ तक 600 किलोमीटर के नए मेगा एक्सप्रेसवे का लाइफ लाइन के तौर पर काम करेगा। फिलहाल दोनों राज्यों में जाने के लिए लोगों को झांसी और पुराने रास्तों से होकर जाना पड़ता है और वहां पर 14 से 15 घंटे लग जाते है।
नए एक्सप्रेसवे के निर्माण से दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय घटकर मात्र 7 घंटे रह जाएगा। यह एक्सप्रेस वे 4 से 6 लेन वाले कंट्रोल-एक्सेस एक्सप्रेसवे पर गाड़ियां 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकेंगी।
भोपाल-लखनऊ एक्सप्रेस से यह शहर होंगे कनेक्ट
भोपाल
विदिशा
सागर
छतरपुर
महोबा (कबरई)
हमीरपुर
कानपुर
लखनऊ
तीन चरण में होगा 600 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे का निर्माण
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की तरफ से 600 किलोमीटर लंबे मेगा एक्सप्रेसवे के निर्माण के तीन चरणों में बांटा गया है। यह मेगा प्रोजेक्ट दोनों राज्यों के बीच होने की वजह से जमीन अधिग्रहण से लेकर दूसरी प्रक्रियाओं में समय लगा है।
पहला चरण
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अनुसार पहले चरण में कानपुर से महोबा जिले के कबरई के बीच 112 से 118 किलोमीटर लंबा हिस्सा बनाया जाएगा। यह कानपुर रिंग रोड (रमाईपुर) से शुरू होकर कबरई तक जाएगा। इस फेज पर लगभग 5 हजार 757 करोड़ की लागत आ रही है।
दूसरा चरण
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अनुसार उत्तर प्रदेश के कबरई से मध्य प्रदेश के सागर के बीच लगभग 223 किलोमीटर का हिस्सा का निर्माण दूसरे चरण में किया जाएगा। यह हिस्सा बुंदेलखंड के केंद्र से होकर गुजरेगा। जिससे यह शहर की कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी।
तीसरा चरण
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अनुसार तीसरे चरण में सागर से भोपाल के बीच तैयार किया जाएगा। लगभग 150 किलोमीटर का यह खंड भोपाल को सागर और आगे यूपी से सीधे जोड़ेगा। कानपुर पहुंचने के बाद यह एक्सप्रेसवे शहर की आउटर रिंग रोड के माध्यम से सीधे निर्माणाधीन कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से कनेक्ट हो जाएगा, जिससे लखनऊ तक बिना किसी ट्रैफिक जाम के सीधा रास्ता मिलेगा।

