हरियाणा में जर्जर सड़कों को सुधारने के लिए सरकार द्वारा बड़ा बेड़ा उठाया है। जहां पर हर विधानसभा सत्र पर सड़कों को सुधार के लिए 25 करोड़ रुपये तक के बजट का प्रावधान किया है, वहीं हरियाणा के मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर ने ’30 डेज चैलेंज’ शुरू किया है। इन 30 दिनों के अंदर अकेले गुरुग्राम शहर की 100 सड़कों का सुधार किया जाएगा।
इन 30 दिनों में सड़कों की मरम्मत ही नहीं बल्कि सड़क की पूरी सूरत ही बदलने का लक्ष्य रखा गया है। अगले 30 दिनों में बनने वाली इन सड़कों का चयन कर लिया गया है। अभियान के तहत कम से कम 500 मीटर लंबी सड़कों को शामिल किया गया है।
’30 डेज चैलेंज’ को लेकर वीरवार को हरियाणा के मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर ने गुरुग्राम के लोक निर्माण विभाग विश्राम गृह में जीएमडीए, एमसीजी और एचएसवीपी के अधिकारियों की बैठक ली। इसमें खुल्लर ने कहा कि इन सड़कों पर केवल मरम्मत या पैचवर्क तक सीमित न रहते हुए प्रॉपर रिकॉर्पेटिंग, एंड-टू-एंड पेवमेंट, सौंदर्यीकरण, स्ट्रीट लाइट, लेन मार्किंग, फुटपाथ और साइनेज जैसी सुविधाएं देनी है। सड़कों का निर्माण तक ही समिति नहीं रहा है, बल्कि इन सड़कों को पूरी तरह से अतिक्रमण मुक्त व पूरी तरह से कचरा हटना चाहिए।
सड़क बनने के बाद लगेंगे क्यू आर कोड
हरियाणा के मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर ने कहा कि इन सड़कों का निर्माण ही पूरा नहीं करना है, बल्कि यह सड़क किसने बनाई है और उसकी जिम्मेवारी निर्धारित करने के लिए चिन्हित सड़क पर सूचना बोर्ड लगाए जाएंगे। इस पर क्यूआर कोड उपलब्ध करवाया जाएगा। जहां पर कोई भी व्यक्ति इसको स्कैन करके संबंधित सड़क के कार्य, जिम्मेदार अधिकारी एवं विभाग तथा कार्य शुरू होने और पूरा होने की निर्धारित तिथि की जानकारी उपलब्ध हो।
इससे नागरिकों को कार्य की प्रगति और जिम्मेदारी से संबंधित जानकारी आसानी से मिल सकेगी। इन 100 सड़कों में जीएमडीए, एमसीजी और एचएसवीपी के अधिकार क्षेत्र वाली सड़कें शामिल की जाएंगी। सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए 7 नवंबर तक कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

