Haryana News: हरियाणा प्रदेश के जींद जिले में अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर महिला व बाल अधिकार कार्यकर्ता सुनील जागलान ने जिले के कालवन गांव में देश की पहली ‘बाल सरकार’ बनाने की घोषणा की है। एक अनुठी पहल के तहत सेल्फी विद डॉटर फाउंडेशन और बाल आजादी अभियान जैसे बीबीपुर मॉडल पर आधारित यह शुरुआत की गई है। कालवान गांव की इस बाल सरकार का स्वरूप पूरी तरह लोकतांत्रिक होगा, जिसमें बाल मुख्यमंत्री, बाल सांसद, बाल विधायक, बाल सरपंच और बाल निर्वाचन अधिकारी जैसे पद शामिल किए गए हैं।
बालिकाओं के सशक्तिकरण के लिए लड़कियों हेतु रखे गए हैं पद आरक्षित
जींद जिले के कालवन गांव में बनने जा रही बाल सरकार में बालिकाओं के सशक्तीकरण के लिए बाल सांसद और बाल जिला पार्षद के पद लड़कियों के लिए आरक्षित रखे गए हैं। चुनाव लड़ने के लिए बच्चों का स्कूल जाना, कुपोषित न होना और गाली न देना अनिवार्य शर्ते हैं। कालवन की सरपंच कविता देवी ने इस पहल का स्वागत किया है। उन्होंने बताया कि घोषित चुनाव कार्यक्रम के अनुसार 5 अक्टूबर को नामांकन प्रक्रिया की शुरुआत और बाल ग्राम उत्सव का शुभारंभ होगा।
20 अक्टूबर को होगा मतदान
देश की पहली बाल सरकार कार्यक्रम के शेड्यूल अनुसार 2 से 10 अक्टूबर तक स्कूलों में बच्चों का प्रशिक्षण चलेगा। अंतिम सूची और चुनाव चिह्नों का आवंटन 15 अक्टूबर को किया जाएगा। 16 से 18 अक्टूबर तक चुनाव प्रचार कर सकेंगे। इसके बाद 20 अक्टूबर को सुबह 7 से दोपहर 1 बजे तक मतदान होगा और उसके बाद दोपहर 2 बजे परिणाम घोषित किया जाएगा। बाल सरकार के चयनित बाल कैबिनेट प्रत्येक सप्ताह सप्ताह 3 से 4 घंटे ग्राम पंचायत का बाल विवाह, कुपोषण, बाल श्रम, कन्या भ्रूण हत्या और और बाल उत्पीड़न जैसे-जैसे मुद्दों पर लोगों को जागरूक करने में सहयोग करेंगे।

