Mohammad Rafi Evergreen Hit Song: सुरों के सरताज मोहम्मद रफी साहब के ब्लॉकबस्टर हिंदी गाने
‘ये रेशमी जुल्फें’ को आए हुए लगभग 6 दशक हो गए हैं। इस गाने को 58 वर्ष बाद भी लोगों का उम्दा रिस्पांस मिल रहा है। हिंदी संगीत को मोहम्मद रफी ने एक से बढ़कर एक हिट गाने दिए हैं। मोहम्मद रफी के कई ऐसे पुराने गाने हैं, जो आज भी लोगों द्वारा खूब पसंद किया जा रहे हैं। सन 1969 में आए मोहम्मद रफी के हिंदी गाने (Mohammad Rafi Hindi song) ‘ये रेशमी जुल्फें’ का क्रेज आज भी लोगों पर 70 के दशक जैसा छाया हुआ है।
‘ये रेशमी जुल्फें’ 70 के दशक में छा गया था हर किसी की जुबान पर
मोहम्मद रफी का सदाबहार हिन्दी गाना ‘ये रेशमी जुल्फें’ 1969 में मार्केट में आने के बाद 70 के दशक में हर किसी की जुबान पर छा गया था। इस गाने को सुनने और पसंद करने वालों की संख्या अब भी करोड़ों में है। पुराने हिंदी गानों (Old Evergreen Hindi songs) को पसंद करने वाले लोगों द्वारा यह गाना यूट्यूब पर बार-बार देखा जा रहा है। इस पुराने सुपरहिट हिंदी गाने को म्यूजिक लक्ष्मीकांत प्यारेलाल जी ने दिया था।
‘दो रास्ते’ फिल्म के लिए बनाया गया था यह गाना
‘ये रेशमी जुल्फें’ 1969 में रिलीज हुई “दो रास्ते” फिल्म के लिए बनाया गया था। के बाद 60 के दशक बनी इस फिल्म के कई गाने आज भी लोगों की जुबान पर छाए हुए हैं। यह सदाबहार हिंदी गाने (Evergreen Hindi song) को सुपरस्टार राजेश खन्ना और अभिनेत्री मुमताज (Mumtaj) पर फिल्माया गया था। इस गाने में दोनों ही लीजेंड सितारों के अभिनेय की तारीफ आज भी की जा रही है।
यूट्यूब पर मिल रहा है लोगों का भरपूर प्यार
बॉलीवुड के लीजेंड सिंगर रफी साहब की खूबसूरत आवाज में गाए गए ‘ये रेशमी जुल्फें’ गाने को पसंद करने वालों की संख्या आज भी कम नहीं हुई है। इस गाने को यूट्यूब पर 80 मिलियन के लगभग लोग देख चुके हैं। हिंदी सिनेमा का यह सुपरहिट गाना (Superhit old Hindi song) 1969 में रिलीज होने के बाद पिछले लगभग 6 दशकों से लगातार इंटरनेट पर छाया हुआ है।
‘ये रेशमी जुल्फें’ सदाबहार हिंदी गाने को लक्ष्मीकांत प्यारेलाल जी ने दिया था संगीत
सुपरस्टार राजेश खन्ना और मुमताज की फिल्म ‘दो रास्ते” के सुपरहिट गाने ‘ये रेशमी जुल्फें’ को संगीत लक्ष्मीकांत प्यारेलाल जी ने दिया था। ‘ये रेशमी जुल्फें’ सदाबहार हिंदी गाने को लक्ष्मीकांत प्यारेलाल जी द्वारा दिए गए संगीत को हिंदी संगीत प्रेमी 6 दशकों से पसंद कर रहे हैं। इस गाने के आनंद बक्शी द्वारा लिखे बोल हिंदी रफी का 58 वर्ष पुराना गाना ‘ये रेशमी जुल्फें’ आज भी मचा रहा है धमालसंगीत प्रेमियों के दिलों पर 58 वर्ष का लंबा समय बीत जाने के बाद भी राज कर रहे हैं।

