वॉयस ऑफ पानीपत (आयुषी त्यागी) – दिल्ली के जंतर-मंतर पर 28 जून से CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के अनुयायी और देश के प्रसिद्ध इंजीनियर, पर्यावरण कार्यकर्ता व आइस स्तूप विकसित करने के लिए विश्वभर में मशहूर सोनम वांगचुक भूख हड़ताल पर बैठे हैं। इनकी मांग लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देकर संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करना और वर्तमान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लेना है। भूख हड़ताल पर बैठे CJP के अनुयायियों और सोनम वांगचुक के बिगड़ते स्वास्थ्य को देखते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
दरअसल, मई 2026 में मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET) पेपर लीक के बाद मानसिक स्थिति खराब होने के कारण देश में कई बच्चों ने आत्महत्या जैसा भयानक कदम उठाया था। कहानी की शुरुआत तब हुई, जब इन बच्चों की मौत पर सवाल उठाते हुए CJP के संस्थापक अभिजीत दीपक ने जंतर-मंतर पर अनुयायियों के साथ शांतिपूर्ण आंदोलन शुरू किया। वहीं , लद्दाख को राज्य दर्जा दिलाने के उद्देश्य और बच्चों की मौत का न्याय लेने के लिए सोनम वांगचुक ने भी मांग पूरी होने तक भूख हड़ताल पर रहते हुए आंदोलन में शामिल होने का फैसला किया। हालांकि, धर्मेंद्र प्रधान ने इस आंदोलन को विघटनकारी तत्वों की ‘बी-टीम’ बताते हुए इस्तीफा देने से साफ मना कर दिया।
फिलहाल, वांगचुक की लगातार चल रही भूख हड़ताल से उनका स्वास्थ्य लगातार खराब हो रहा है। फिर भी उनका कहना है कि उन्होंने जो शुरू किया है, उसे उसके तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाना होगा। सोनम वांगचुक ने एक अंतिम प्रयास के तौर पर समर्थकों से 20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद तक एक शांतिपूर्ण यात्रा में पहुंचने की अपील की है।

सोनम वांगचुक का बिगड़ा स्वास्थ्य
लोगों ने सरकार के सिस्टम के सामने वांगचुक से अनशन समाप्त करने की अपील करते हुए कहा, “उनकी जान खतरे में है। यह लड़ाई लंबी चलेगी। इसलिए जरूरी है कि वे जीवित रहें और इस संघर्ष का नेतृत्व करते रहें।”
TEAM VOICE OF PANIPAT

