वॉयस ऑफ पानीपत (तमन्ना गोयल) – करनाल जिला परिषद की भाजपा अध्यक्ष प्रवेश राणा को गुरुवार को पद से हटना पड़ा। जिला परिषद कार्यालय में उपायुक्त डॉ. आनंद कुमार शर्मा की मौजूदगी में उनके खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर फ्लोर टेस्ट हुआ, जिसमें प्रस्ताव पास हो गया। 25 सदस्यीय जिला परिषद में मतदान के लिए 19 सदस्य पहुंचे जिसमें 17 सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में वोट किया और 2 सदस्यों ने अध्यक्ष के समर्थन में वोट दिया। बहुमत मिलने के बाद प्रवेश राणा को अध्यक्ष पद से हटा दिया गया। जिला परिषद के सीईओ अमित कुमार ने बताया कि नए अध्यक्ष के चुनाव तक वाइस चेयरपर्सन कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में काम संभालेगी ।

प्रवेश राणा की फाइल फोटो
क्या थे आरोप?
सदस्यों के अनुसार 6-7 महीने से अविश्वास प्रस्ताव की मांग चल रही थी जिसमें मुख्य आरोप ये रहे:
- ग्रांट वितरण में भेदभाव: पार्षद विनोद कश्यप ने आरोप लगाया कि ग्रांट का वितरण जातिगत आधार पर किया गया। इससे ज्यादातर पार्षदों में नाराजगी थी।
- विकास कार्य: सदस्यों का कहना है कि साढ़े तीन साल का कार्यकाल बीतने के बाद भी उनके वार्डों में अपेक्षित विकास नहीं हुआ। कई बार बैठक और अन्य माध्यमों से समस्या उठाई गई, लेकिन समाधान नहीं निकला।यहाँ तक कि अन्य लोग भी अपने-अपने पार्षदों से भी सवाल पूछने लगे । लोगों के सवालों के कारण उन पर दबाव बढ़ता गया जिस करण भी उन्हें ये फैसला लेना पड़ा।
सदस्यों का कहना है कि बचे हुए करीब सवा साल में विकास कार्यों को गति दी जाएगी ।
TEAM VOICE OF PANIPAT

