Heart Special: आज के इस भागदौड़ भरे जीवन में आनुवांशिक कारक किसी भी इंसान के अंदर फैलने वाली दिल की बीमारी के लिए जिम्मेदार सबसे प्रमुख कारकों में से एक साबित होते हैं। इस दौर में भी आप डॉक्टर की सलाह से कुछ बातों का ध्यान रखकर अपने माता-पिता को हार्ट अटैक की बीमारी से बचा सकते हैं। शोध अध्ययनों ने मानव डीएनए के अंदर कम से कम 67 स्थानों की पहचान की है, जो हृदय रोग विकसित करने की आशंका को बढ़ा सकते हैं। नियमित रूप से जांच और उपचार से दिल को स्वस्थ बनाए रख सकते हैं। शारीरिक गतिविधि और व्यायाम से कार्डियोवैस्कुलर बीमारी की आशंका को कम कर सकते हैं।
परिवार की मेडिकल हिस्ट्री के बारे में जुटाएं जानकारी
अगर आप हर्ट की बीमारी से बचना चाहते हैं तो परिवार की मेडिकल हिस्ट्री जानकर सतर्क रहना चाहिए। अगर पिता को 50 के दशक में दिल का दौरा पड़ा था या मां को 60 के दशक में दिल का दौरा पड़ा तो संतान के अंदर इसके होने का खतरा दोगुना हो जाता है। जीवनशैली में परिवर्तन करके इस जोखिम को कम कर सकते हैं और कोलेस्ट्रॉल या उच्च रक्तचाप के इलाज के लिए दवाओं के बारे में डॉक्टर से बात करनी चाहिए। इसके अतिरिक्त यदि ईसीजी में कुछ असामान्यताओं का पता चलता है। खासकर दिल की विद्युत प्रणाली के साथ कार्डियोवर्टर डिफिब्रिलेटर के इम्प्लांटिंग की जाती है। अगर किसी को असामान्य दिल की धड़कन और असामान्य कार्डियक रिदम लगे तो तुरंत इसका उपचार करायें।
हेल्दी फूड के साथ रखें हार्ट को हेल्दी
अगर आप अपने दिल को स्वस्थ रखना चाहते हैं तो आज से ही सलाद और हेल्थी फ्रूट के साथ लहसुन की कलियां और बिना नमक डालें साबूत अनाज और सलाद खाने की आदत डाल लें। अगर आप किसी से प्यार करते हैं, उनकी परवाह करते हैं तो उनसे प्रॉमिस कीजिए कि आप अपने दिल का खास ख्याल रखेंगे ज्यादा से ज्यादा सेहतमंद भोजन अपने आहार में शामिल करेंगे, खुद को एक्टिव रखेंगे और स्मोकिंग को ना कहेंगे। ध्यान रहे कि दिल से संबंधित किसी भी उपचार के लिए पहले डॉक्टर से सभा सलाह अवश्य ले लें।

