Product Price Hike : देश में अक्टूबर माह की शुरुआत के साथ ही महंगाई का तड़का लगने वाला है। एक अक्टूबर के बाद
एसी, फ्रिज, टीवी और वाशिंग मशीन सहित दूसरे उत्पादों में 8 प्रतिशत तक की वृद्धि हो जाएगी। ऐसे में ग्राहकों पर बाजार से सामान खरीदा महंगा पड़ने वाला है।
कीमतों में वृद्धि का कारण पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के चलते कापर, स्टील व दूसरे उत्पादों की कीमतों में ज्यादा वृद्धि हो गई है। ऐसे में कंपनियों ने पांच से लेकर आठ प्रतिशत तक उत्पादों की कीमत बढ़ाने का फैसला लिया है। कैलेंडर वर्ष 2026 में यह तीसरी बार है जब कंपनियां कीमतें बढ़ाने जा रही हैं।
कंपनियां एयर कंडीशनर की कीमतें पांच से आठ प्रतिशत बढ़ाने वाली हैं जबकि अन्य कंपनियों ने वाशिंग मशीन, रेफ्रिजेटर और एलईडी की कीमतों में 3-4 प्रतिशत वृद्धि करने का फैसला किया है। हालांकि, कुछ कंपनियों को डर है कि इस वृद्धि से त्योहारों की मांग पर असर पड़ सकता है,
वहीं कुछ अन्य कंपनियों का मानना है कि कीमतों में वृद्धि का असर बिक्री पर बहुत मामूली होगा, क्योंकि डीलरों और डिस्ट्रीब्यूटरों ने अगस्त और सितंबर में पहले से बुकिंग के जरिये पुरानी कीमतों पर खरीदी गई इन्वेंट्री पहले ही स्टाक कर ली है। ब्लू स्टार, गोदरेज अप्लायंसेज, हायर, डाइकिन और सुपर प्लास्ट्रॉनिक्स ने पहले ही अलग अलग श्रेणी में चार से दस प्रतिशत तक कीमतों में वृद्धि का एलान कर दिया है। हालांकि, पैनासोनिक ने कहा है कि वह किसी भी बढ़ोतरी पर फैसला करने से पहले सभी स्थितियों का मूल्यांकन कर रही है।
सूत्रों के मुताबिक, एलजी और बाश होम कंफर्ट (इसके पास हिताची ब्रांडेड एयर कंडीशनर का मालिकाना हक है) ने भी एसी की कीमतों में लगभग पांच प्रतिशत की वृद्धि कर दी है।
3-4 किलो कापर से बनता है एक एयर कंडीशनर
एक एयर कंडीशनर में में तीन से चार किलोग्राम कापर की खपत होती है, लेकिन अब कीमतों में काफी उछाल आ गया है। हायर इंडिया के प्रेसिडेंट एनएस सतीश ने कहा कि कापर की कीमतें पिछले साल 8,000-9,000 डालर प्रति मीट्रिक टन थी, लेकिन अब यह 14,500 डालर मीट्रिक टन तक पहुंच गई हैं और इनके बढ़ते रहने की उम्मीद है।उन्होंने यह भी कहा कि अगर इनपुट लागत इसी तरह बढ़ती रही तो दिवाली के बाद और जनवरी में फिर से कीमतें बढ़ सकती हैं।
पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के चलते सभी कमोडिटी की कीमतें बढ़ने का अनुमान लगाया जा रहा है। कापर, स्टील और प्लास्टिक सभी महंगे हो गए है। इस साल कंपनी द्वारा की गई यह तीसरी कीमत बढ़ोतरी है। पिछले साल के फेस्टिव सीजन से कीमतों की तुलना करे तो लागत 15 प्रतिशत बढ़ गई है, लेकिन अब ग्राहक को लगभग 10 प्रतिशत का जीएसटी लाभ मिल रहा है, जिससे खरीदारों पर कुल असर लगभग पांच प्रतिशत से थोड़ा ज्यादा होगा।
गोदरेज एंटरप्राइजेज ग्रुप कमल नंदी ने बताया कि कमोडिटी की कीमतों में 8-10% की बढ़ोतरी के बाद उद्योग कीमतो में बढ़ोतरी का एक और दौर जरूरी हो गया है। समय अलग-अलग ब्रांड के हिसाब से अलग हो सकता है। कुछ इसे अक्टूबर से लागू करेंगे और कुछ नवंबर से, लेकिन यह जरूरी है। ग्राहक के पास त्योहारी सीजन के दौरान मौजूदा कीमती पर उत्पाद खरीदने का मौका रहेगा क्योंकि वृद्धि से पहले खरीदा गया स्टाक डिस्ट्रीब्यूशन चैनल में उपलब्ध रहेगा।

